181 लाइनो-मशीन कुलियों के लिए स्टूलों की सप्लाई का न किया जाना - Page 227

212 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

करके नियमित वेतन पाते हैं अथवा आठ घंटों में चार घंटे जोड़ दिए जाते हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) प्रश्न के प्रथम भाग का उत्तर सकारात्मक है। जहां तक प्रश्न के दूसरे भाग का संबंध हैं, भारतीय कारखाना अधि नियम (इंडियन फैक्ट्रीज एक्ट) के अनुसार रविवार को काम करने वाले कर्मचारियों को इसके एवज में प्रतिकर छुट्टी मिल जाती है और उन्हें 4 घंटे के काम के लिए अतिरिक्त भुगतान किया जाता है अर्थात् उन्हें दिन का वेतन दिया जाता है और 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि दी जाती है। अन्य छुट्टियों के दिनों में उपस्थिति के लिए उन्हें दिन के वेतन के अतिरिक्त वेतन की 25 प्रतिशत अधिक राशि दी जाती है। बारह घंटे की अतिरिक्त मजदूरी (अर्थात् एक दिन का वेतन तथा 150 प्रतिशत) कुछ वर्ष पूर्व किसी भूल से किया जाता था जबकि 4 घंटे का भुगतान अनुज्ञेय है।

(ख) नहीं।

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* लाइनो-मशीन कुलियों के लिए स्टूलों की

सप्लाई का न किया जाना

589. सेठ यूसुफ अब्दुल्ला हारून (काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मी की ओर से) ः (क) क्या माननीय सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि उन कुलियों को बैठने के लिए स्टूल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं जो लाइनों-मशीन पर कार्य करते हैं और उन्हें दिन भर खड़ा रहना पड़ता है और उन्होंने इस बारे में आवेदन-पत्र दिए परन्तु उन पर ध्यान नहीं दिया गया_

(ख) क्या यह सच है कि बारमैन का काम कुलियों से लिया जाता है और बार-मैन के पद समाप्त कर दिए गए हैं_ और

(ग) क्या सरकार ने कुलियों की शिकायतों को दूर करने की वांछनीयता पर विचार किया है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) लाइनों टाइप मशीनों पर काम करने वाले कुली वास्तव में खड़े होकर काम नहीं करते। उनकी आवश्यकता उस समय होती है जब लाइनों मशीनों में डिस्ट्रीब्यूटर बार के अवरोधों को दूर करना होता है

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1944, 22 मार्च, पृष्ठ 1944