विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 223
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः जी हां, जैसा कि मैंने कुछ मामलों में कहा है।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि ऐसे ये विशेषज्ञ जो इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ सम्बद्ध हैं, सरकार के अनुशासन के अधीन हैं अथवा संबंधित कॉलेज के कर्मचारीवर्ग के अन्य सदस्य के साथ सम्बद्ध हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं नोटिस चाहता हूँ।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि ये विशेषज्ञ जो इंजीनियरिग कॉलेजों के साथ सम्बद्ध हैं, इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टॉफ में अपने को सम्मिलित नहीं समझते और वे यह नहीं समझते कि वे उस अनुशासन के अधीन हैं जिसके अधीन स्टॉफ के सदस्य होते हैं, क्या सरकार इस तथ्य से अवगत हैं कि वे अन्य संस्थाओं के निरीक्षण में अधिक समय लगाते हैं और वे अध्यापन के कार्य को आकर्षक नहीं मानते तथा उनकी अध्यापन में रुचि नहीं होती?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इस बात की पूछताछ करूंगा जैसा कि मेरे माननीय मित्र ने कहा है।
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* भारत सरकार मुद्रणालय में हड़ताल
230. काज़ी मोहम्मद काज़मीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सही है कि सरकारी मुद्रणालय में कर्मचारियों में भारी असंतोष होने के फलस्वरूप 1 दिसंबर, 1942 को हड़ताल शुरू हो गई जिसे श्रम सचिव और श्रम कल्याण अधिकारी के प्रयासों से शांत किया गया और इन अधिकारियों को कामगारों ने अपनी बड़ी-बड़ी शिकायतें बताई_
(ख) सरकार ने इन शिकायतों विशेषकर निम्नलिखित शिकायतों को दूर करने के लिए क्या किया है_
(i) रेलवे की दरों के अनुसार मुद्रणालय के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता की स्वीकृति_
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1944, 25 फरवरी, 1944, पृष्ठ 546