3 ‘‘बेविन लड़के (ब्वाएज़)’’ की भारत में वापसी तथा उनका रोजगार - Page 24

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 9

में से पूर्णतया निकाल दिया है।

श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय सदस्य को इस बात पर आश्चर्य होगा जो मैं उन्हें बताऊंगा कि डॉ. फोक्स ने 6 जुलाई को एक बयान दिया, जिसके एक अंश का मैंने कल उल्लेख किया था?

मानीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं अपने माननीय मित्र से यह कहना चाहूँगा कि डॉ. फोक्स भारत सरकार की नीति का निर्णय नहीं करते।

श्री के.सी. नियोगीः परन्तु कम से कम डॉ. फोक्स की बात में सच्चाई प्रतीत होती है। जो कुछ भी हो, क्या मैं एक दूसरा बहुत छोटा-सा प्रश्न पूछ सकता हूँ? मेरे माननीय मित्र ने कहा कि उदयपुर दरबार को रियासत में लीड तथा जिंक सम्बंधी उस पट्टे को निरस्त करने के लिए समझाना पड़ा, जो पहले ही एक प्राइवेट पार्टी को दे दिया गया था। उदयपुर दरबार से इस पट्टे को कृतज्ञतापूर्वक निरस्त कराने से पहले, क्या सरकार द्वारा इस बात का पता लगाने का प्रयास किया गया था कि क्या उस प्राइवेट पार्टी के साथ, इस उद्देश्य से उन क्रियाकलापों को चलाने के लिए समझौता नहीं हो सका था जिन कार्यों को विभाग चलाना चाहता था।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे उस प्रश्न के लिए नोटिस दिया जाना चाहिए।

3

* ‘‘बेविन लड़के (ब्वाएज़)’’ की भारत में

वापसी तथा उनका रोजगार

23. श्री गोविन्द वी. देशमुखः क्या माननीय श्रम सदस्य कृपया यह बताएंगे कि कितने बेविन लड़के (ब्वाएज़) भारत में वापिस आए हैं और क्या उन सब को रोज़गार मिल गया है_ यदि नहीं, तो उनके बेरोजगार रहने के क्या कारण हैं? और क्या उनमें से कोई ट्रेड यूनियनों में भाग ले रहा है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः 149 बेविन लड़के (ब्वाएज़) भारत में वापस आए हैं उनमें से 26 केवल 5 सितम्बर को ही पहुंचे हैं और अब एक परीक्षक-मंडल द्वारा उनकी परीक्षा ली जा रही है, शेष 123 में से, 105 को रोजगार में लगा दिया गया है, जिनके वेतन में 145 प्रतिशत की औसतन वृद्धि हुई है। शेष 18 में से 9 लड़कों को जो जुलाई के अंत में पहुंचे हैं, पद आबंटित कर दिए गए हैं

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1942 का खंड 3, 15 सितम्बर, 1942, पृष्ठ 112-113