192 भारत सरकार मुद्रणालय में योग्यता प्राप्त कॉपी होल्डरों और पुनरीक्षकों की रीडरों के रूप में पदोन्नति - Page 240

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 225

(ख) क्या यह सच है कि सभी भारत सरकार मुद्रणालय, उनकी कार्य समितियों और कर्मचारियों के संघों के विचार मुद्रण एवं लेखन-सामग्री नियंत्रक द्वारा आमंत्रित किए गए हैं_

(ग) क्या यह सच है कि मुद्रण एवं लेखन-सामग्री नियंत्रक ने यह सुझाव दिया कि रीडर के लिए परीक्षा अनिश्चित् काल अर्थात् उस समय तक के लिए स्थगित कर दी जाए जब तक प्रतीक्षा गत सूची के सभी अर्हताप्राप्त व्यक्तियों को रीडर के पद पर स्थायी तौर पर लगा न दिया जाए_

(घ) क्या यह सच है कि कुछ कॉपी होल्डर और पुनरीक्षक जिनकी पन्द्रह वर्ष से अधिक सेवाएं हो चुकी हैं, उन्हें मौजूदा नियमों के अनुसार उन लोगों से जूनियर कर दिया गया है जिन्होंने केवल चार या पांच वर्ष की सेवा पूरी की है जबकि सभी कर्मचारी एक ही परीक्षा में अर्हता प्राप्त कर चुके हैं_

(घ) क्या यह सच है कि कुछ व्यक्ति जिन्होंने पहले ही प्रयास में वर्ष 1936 में रीडर की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, उन व्यक्तियों से जूनियर हो गए हैं जिन्होंने दूसरे प्रयास में चार वर्ष बाद (1940) में अर्हता प्राप्त की थी_ और

(च) यदि भाग (क) से (घ) तक के उत्तर सकारात्मक हैं तो क्या माननीय सदस्य नियमों की विसंगतियों को दूर करने का प्रस्ताव करते हैं ताकि भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली में मई, 1944 में होने वाली रीडर पद की परीक्षा इस निर्णय के अभाव में आस्थगित न कर दी जाए_ यदि ऐसा नहीं है तो इतने समय तक निर्णय को आस्थगित रखने का लाभ है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क), (ख) और (ग) जी हां। उठाए गए मुद्दों पर सरकार के निर्णय को अंतिम रूप देने में विलम्ब का कारण यह है कि उन अलग-अलग पार्टियों द्वारा जिनके विचार आमंत्रित किए गए थे अलग-अलग विचार व्यक्त किए।

(घ) इन नियमों के कार्यान्वयन में निहित कतिपय विसंगतियां सरकार के नोटिस में लाई गई हैं। इन्हें दूर करने के प्रस्ताव इस समय सरकार के विचाराधीन हैं।

(घ) प्रश्न नहीं उठता। रीडर के स्थान पर नियुक्तियां वरिष्ठता के आधार पर की जाती हैं और अर्हता प्राप्त करने के लिए परीक्षा के परिणामों के आधार पर गुणावगुण द्वारा नहीं की जाती।

(च) ऊपर (घ) के बताए गए उत्तर में इस विषय पर नियमों के संशोधन के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त किए गए हैं और उनकी जांच की जा रही है। यह आशा की जाती है कि भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली में आगामी रीडर-परीक्षा (मई, 1944 में संभावित) के आयोजन से पूर्व आदेश जारी कर दिए जाएं।