193 नई दिल्ली किराया नियंत्रण आदेश (न्यू दिल्ली रेंट कंट्रोल आर्डर) में संशोधन - Page 242

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 227

उपलब्ध कराया जाना चाहिए? क्या इसी प्रकार की सुविधाएं नई दिल्ली के अन्य पत्र-पत्रिकाओं के लिए उपलब्ध कराने की प्रस्ताव है_ यदि नहीं तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) इस प्रकार का वक्तव्य संयुक्त सचिव, श्रम विभाग में नहीं किया था।

(ख) हमारे पास इस विषय की कोई सूचना नहीं है।

(ग) नहीं। इस प्रकार के कानून और आदेश की व्यवस्था करने का काम अदालतों का है, यह काम सरकार का नहीं है।

(घ) नहीं। यह आरोप सही नहीं है।

(घ) जी हां। यह आदेश पारित किया गया था क्योंकि बताई गई घटना के कारण यह आवास गृह खाली होगा और सरकार के उपयोग के लिए उपलब्ध होगा।

सरकार के लिए यह प्रश्न ही नहीं उठता कि इस गृह का अधिग्रहण श्री शिवराय के लिए किया जाए। यह सरकार की नीति है कि दिल्ली स्थित उन सभी उपलब्ध आवास-गृहों का अधिग्रहण किया जाए जो खाली हो जाते हैं।

(च) नहीं।

सर मोहम्मद यामीन खांः सरकार का क्या इरादा है? क्या वे इसे पूर्व प्रभावी बनाना चाहते हैं अथवा नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसकी कानूनी व्याख्या सदैव न्यायालय द्व ारा की जाती है।

सर मोहम्मद यामीन खांः निःसंदेह न्यायालय इसकी व्याख्या करेंगे परन्तु सरकार का क्या आदेश है? क्या इसे पूर्व प्रभावी बनाना है अथवा क्या यह केवल भविष्य के लिए है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह ऐसा मामला है जिसे न्यायालय पर छोड़ देना चाहिए।

श्री एन.एम. जोशीः क्या यह सच नहीं है कि दिल्ली के मकान-मालिक अपने किराएदारों को परेशान कर रहे हैं ताकि लाभ उठा सकें और सरकार इसे रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कोई सूचना प्राप्त नहीं है कि मकान-मालिक परेशान कर रहे हैं परन्तु हमसे किरायेदारों का प्रतिनिधिमंडल मिला