228 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
और उसने सरकार के समक्ष कुछ शिकायतें प्रस्तुत कीं तथा नई दिल्ली किराया नियंत्रण आदेश में संशोधन किया गया ताकि कुछ शिकायतों का निराकरण हो सके।
सर मोहम्मद यामीन खांः इस मामले में मकान-मालिक सेवा निवृत्त अधिकारी अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) रायबहादुर दुर्गादत्त हैं जिनका 20 व्यक्तियों का बड़ा परिवार है जिन्हें वे कहीं अन्यत्र घर में नहीं रख सकते।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इस विषय में कोई सूचना नहीं है।
मौलवी मोहम्मद अब्दुल गनीः क्या यह सरकार का इरादा है कि किसी भी पारित आदेश को स्पष्ट किया जाए यदि न्यायालय किसी प्रकार की संदिग्धता महसूस करता है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं माननीय सदस्य के प्रश्न को नहीं समझ पाया।
मौलवी मोहम्मद अब्दुल गनीः क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या भारत सरकार अपने पारित आदेश के बारे में न्यायालय को कोई स्पष्टीकरण जारी करने का प्रस्ताव करती है जिसका संबंध उसके पूर्व प्रभावी रूप से लागू किए जाने से है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः निश्चय ही यदि इस आदेश के बारे में कोई संदिग्धता है तो सरकार इसे स्पष्ट करेगी।
श्री लालचन्द नवलरायः क्या यह आदेश बिल्कुल स्पष्ट है अथवा इसकी व्याख्या की आवश्यकता है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं अपने माननीय मित्र को एक प्रति सप्लाई कर सकता हूँ।
श्री लालचन्द नवलरायः मेरा यह प्रश्न हैः क्या आदेश स्पष्ट और संदिग्ध है अथवा इसकी व्याख्याएं की जाती हैं? माननीय सदस्य यह बताते हैं कि न्यायालय इसकी व्याख्या करेगा। न्यायालय निस्संदेह ऐसा करेगा परन्तु बाद के मामले में ऐसा करेगा।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं नहीं जानता कि मेरे माननीय मित्र क्या कहना चाहते हैं।
श्री लालचन्द नवलरायः मेरा प्रश्न यह है। माननीय सदस्य ने बताया है कि इस आदेश की व्याख्या न्यायालय द्वारा की जा सकती है। परन्तु मेरा कहना है कि क्या इस आदेश की व्याख्या की जाती है। इस बारे में माननीय सदस्य का कहना है कि यह बात न्यायालय पर निर्भर करेगी...........