विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 235
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* कारखाना अधिनियम के अन्तर्गत न आने वाले रेल
कर्मचारियों के काम के घण्टों के उल्लंघन के मामले 223. श्री मोहम्मद अज़हर अलीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि सन् 1931 के कारखाना अधिनियम के अन्तर्गत न आने वाले रेल कर्मचारियों के काम के घंटों के उल्लंघन के कितने मामले आए हैं, और उन पर क्या कार्रवाई की गई है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जानकारी प्राप्त की जा रही है और ठीक समय पर सदन के पटल पर रख दी जाएगी।
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* केन्द्रीय विद्युत बोर्ड आदि के कार्य और कर्त्तव्य 224. श्री मोहम्मद अज़हर अलीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि (i) केन्द्रीय विद्युत बोर्ड, (ii) दिल्ली सैन्ट्रल इलैक्ट्रिक पावर अथारिटी लिमिटेड, और (iii) केन्द्रीय विद्युत शक्ति नियंत्रण बोर्ड के क्या-क्या कार्य और कर्त्तव्य हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (i) केन्द्रीय विद्युत बोर्ड इंडियन इलैक्ट्रिसिटी ऐक्ट (भारतीय विद्युत अधिनियम), 1910 की धारा 37 के अधीन नियम बनाने के लिए इस अधिनियम की धारा 36 के अधीन स्थापित किया गया प्राधिकरण है।
(ii) दिल्ली सैन्ट्रल इलैक्ट्रिक पावर अथारिटी लिमिटेड एक निजी कम्पनी है और यह थोक विद्युत ऊर्जा के उत्पादन और क्रय के लिए तथा थोक उपभोक्ताओं को उसके वितरण के लिए अर्थात् जो प्रति वर्ष कम से कम 5,00,000 यूनिट की खपत करने या उसके लिए भुगतान करने का वचन देते हैं, दिल्ली प्रांत में केन्द्रीय संगठन के रूप में काम करती है_
(iii) केन्द्रीय विद्युत शक्ति नियंत्रण बोर्ड के कार्य इस प्रकार हैंःµ
(क) विद्युत प्रदाय के बारे में किसी भी सार्वजनिक विद्युत प्रदाय उपक्रम द्वारा लागू किए जाने वाले नियंत्रण के किसी भी उपाय के बारे में भारत सरकार को सलाह देना,
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1944, का खण्ड 3, 30 मार्च, 1944, पृष्ठ 1757. @ वही।