236 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(ख) किसी सार्वजनिक विद्युत प्रदाय उपक्रम की स्थिति में ऐसा नियंत्रण रखना जो भारत द्वारा अनुमोदित किया गया हो और विशिष्ट तौर पर, भारत सरकार द्वारा निर्धारित सामान्य सिद्धांतों के अनुसार विद्युत के नए प्रयासों के लिए और वर्तमान प्रयासों के प्रतिबंध के लिए परमिट जारी करना,
(ग) सार्वजनिक विद्युत प्रदाय उपक्रमों से ऐसी जानकारी एकत्र करना जिसे नियंत्रण की जरूरतों के बारे में उन क्षेत्रों के बारे में जिनमें अतिरिक्त विद्युत शक्ति सुलभ होनी संभव है, सरकार को सलाह देने की स्थिति में होने के लिए वह आवश्यक समझे।
(घ) ऐसी जानकारी एकत्र करना जो भारत के युद्ध प्रयासों और औद्योगिक विकास के सामान्य हित की वृद्धि में अधिकाधिक विद्युत शक्ति के विकास और उपयोग के समन्वय में सहायता के लिए आवश्यक हो।
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* शाहदरा, दिल्ली में उपभोक्ताओं द्वारा दी जाने वाली विद्युत दरें
225. श्री मोहम्मद अज़हर अलीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किµ
(क) क्या यह सच है कि (i) केन्द्रीय विद्युत बोर्ड (ii) दिल्ली सेंट्रल इलैक्ट्रिक पावर अथारिटी बोर्ड और (iii) केन्द्रीय विद्युत शक्ति नियंत्रण बोर्ड को शाहदरा कस्बे में विद्युत प्रदाय पर पर्यवेक्षण, शक्ति और नियंत्रण प्राप्त हैं_
(ख) क्या यह सच है कि पित्कीथली रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई थी कि दिल्ली प्रांत में वर्तमान खपत के लिए एक-सी दरें लागू की जाएं_
(ग) क्या यह सच है कि शाहदरा कस्बे में बिजली के वितरण के लिए अपर जमना वेली इलैक्ट्रिसिटी कम्पनी को दिया गया लाइसेंस पित्कीथली रिपोर्ट से पहले एक तारीख को था, यदि हां, तो किन कारणों से उस रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर लाइसेंस में संशोधन नहीं किया गया और विद्युत दर -/6/- आने प्रति यूनिट से घट कर -/4/- आने प्रति यूनिट नहीं की गई_ और
(घ) क्या सरकार वितरण लाइसेंस निविदा आमंत्रित करके ऐसी कम्पनी को देना चाहती है जिसकी सेवा कम खर्चीली होगी, यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1944, का खण्ड 3, 30 मार्च, 1944, पृष्ठ 1757-58.