विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 237
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) यदि यह मान लिया जाए कि शाहदरा कस्बे में विद्युत प्रदाय पर पर्यवेक्षण, शक्ति और नियंत्रण के प्रति माननीय सदस्य का उल्लेख प्रदाय की शर्तों और दरों के संबंध में है, तो वर्णित प्राधिकरण इस विषय में जिम्मेदार नहीं है।
(ख) नहीं।
(ग) प्रथम भाग - हाँ, दूसरा भाग - रिपोर्ट में यह सिफारिश नहीं की गई थी कि लाइसेंस में संशोधन किया जाए।
(घ) जब तक वह समय नहीं आ जाता कि दिल्ली में केन्द्रीय पावर हाउस से शाहदरा लाइसेंसधारी को ऊर्जा सप्लाई देना संभव पाया जाए, तब तक वे दरें जो शाहदरा लाइसेंसधारी ले रहा है (और जो इसके लाइसेंस के अनुसार हैं) अत्यधिक नहीं मानी जा सकती, और इस क्षेत्र के लिए किसी व्यक्ति को दूसरा वितरण लाइसेंस देने का कोई प्रश्न नहीं हो सकता।
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* शाहदरा, दिल्ली में उपभोक्ताओं द्वारा दी जाने वाली विद्युत दरें
226. श्री मोहम्मद अज़हर अलीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि µ
(क) क्या यह सच है कि अपर जमना वेली इलैक्ट्रिसिटी कम्पनी लिमिटेड संयुक्त प्रांत सरकार के प्रदाय के लिए -/2/6 आने प्रति यूनिट अदा करती है_
(ख) क्या यह सच है, कि उक्त कम्पनी शाहदरा कस्बे के उपभोक्ताओं से विद्युत प्रदाय के लिए -6/- आने प्रति यूनिट लेती है_
(ग) कम्पनी किस दर से लागू प्रभार निकालती है_ और
(घ) 1939 से हर वर्ष उपभोक्ताओं की संख्या कितनी है और उक्त कम्पनी द्वारा सेवा बनाए रखने के लिए हर वर्ष कितनी रकम खर्च की जाती है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) और (ख) हां।
(ग) सरकार के पास कोई जानकारी नहीं है।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1944, का खंड 3, 31 मार्च, 1944, पृष्ठ 1758