210 @ भारतीय मजदूर परिसंघ को सरकारी अंशदान - Page 256

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 241

(ग) यदि भाग (ख) के प्रथम भाग का उत्तर हाँ में है तो क्या माननीय सदस्य पिछले मास के लिए प्राप्त ऐसे विवरणों की प्रतियाँ सदन के पटल पर रखने की कृपा करेंगे_ और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) औद्योगिक मजदूरों का मनोबल बनाये रखने के लिए प्रचार-प्रसार के लिए भारतीय मजदूर परिसंघ को हर मास 13000/- रुपए का अनुदान दिया जाता है।

(ख) जी हाँ।

(ग) नहीं। अन्य लोक लेखाओं की भांति इन लेखाओं की भी जांच-पड़ताल की जाती है और उसे पटल पर रखने से कोई उपयोगी प्रयोजन सिद्ध नहीं होगा।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या वह प्रचार-प्रसार के काम के लिए इस धन को अन्य लोगों को बांटने के लिए प्राधिकृत है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः धन उन्हें नहीं दिया जाता। यह अनुदान भारतीय मजदूर परिसंघ को दिया जाता है।

श्री लालचन्द नवलरायः इसका अर्थ है वह व्यक्ति जो परिसंघ का प्रभारी है। क्या वह उस धन को दूसरे लोगों को इसलिए दे सकते हैं कि वे जाकर प्रचार-प्रसार करें?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे यह जानकारी नहीं है कि धन का वितरण किस प्रकार किया जाएगा।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या माननीय सदस्य इस बारे में छानबीन करेंगे क्योंकि लेखा बनाने होंगे?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः दूसरे सभी लोक लेखाओं की भांति लेखाओं की संपरीक्षा की जाती है।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या माननीय सदस्य को मालूम है कि यह रकम वितरित की गई किस प्रकार दिखाई जाती है? क्या यह लेखा-परीक्षा द्वारा दिखाई जाती है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कोई जानकारी नहीं है, किन्तु लेखाओं की वैसे ही जांच-पड़ताल की जाती है जैसे अन्य लोक लेखाओं की।

डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः क्या परिसंघ ने कोई नियम बनाकर सरकार को प्रस्तुत किए हैं जिनके द्वारा यह विनियमित किया जाए कि यह अनुदान किस प्रकार

खर्च किया जाए?