210 @ भारतीय मजदूर परिसंघ को सरकारी अंशदान - Page 257

242 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस बारे में मुझे कुछ भी जानकारी नहीं है।

श्री लालचन्द नवलरायः क्या माननीय सदस्य इस बारे में छानबीन करेंगे?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि माननीय सदस्य सवाल पूछने का ध्यान रखेंगे तो मैं पूछताछ करूंगा।

डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः मुझे नहीं मालम कि जब वितरण के नियम ही नहीं हैं तो लेखाओं की संपरीक्षा किस प्रकार की जाएगी।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे भरोसा है कि लोक लेखा अधिकारी को अपना समाधान अवश्य कर लेना चाहिए कि कुछ नियम हों जिनके अनुसार धन

खर्च किया जाए।

श्री बद्री दत्त पाण्डेः क्या कुछ दूसरे संगठन भी हैं जिन्हें इस प्रकार धन मिल रहा है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इस प्रश्न के लिए नोटिस दिया जाना चाहिए था।

डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः कुछ नियम अवश्य होने चाहिए जिनके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सके कि श्री राय सारा धन अपने मित्रों पर खर्च न कर दें।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे यह ख्याल नहीं आया कि माननीय सदस्य के पास यह मानने का कोई औचित्य है कि नियम नहीं हैं।

डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः लगता तो ऐसा ही है क्योंकि सरकार ने अनभिज्ञता जाहिर की थी।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः सरकार ने अनभिज्ञता जाहिर नहीं की। मेरा जवाब था कि लेखाओं की वैसे ही जांच पड़ताल की जाती है जैसे अन्य लोक लेखाओं की।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः क्या माननीय सदस्य ने अपना समाधान कर लिया है कि यही एकमात्र संगठन है जो श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने में सरकार की मदद करेगा?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे कोई जानकारी नहीं है। मुझे उस प्रश्न की सूचना मिलनी चाहिए थी।