विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 11
करना चाहूंगा। क्या सरकार के लिए यह सोचना उपयुक्त नहीं था कि वह इस संबंध में पूछताछ करें कि वह कदाचार क्या था?
श्री गोविन्द वी. देशमुखः जब इस युवक के विरुद्ध इसके कदाचार के इस मामले की रिपोर्ट की गई तो क्या सरकार ने यह उपयुक्त नहीं समझा कि वह कदाचार क्या था, उसके संबंध में छानबीन व पूछताछ की जाए?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे इसमें शक नहीं कि जिस कदाचार का वह दोषी पाया गया, वह किस प्रकार का था, उसके संबंध में सरकार को सूचना मिली है। इस समय, तथ्य मेरे पास नहीं हैं। मैं नोटिस चाहता हूँ।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या ‘‘बेविन लड़के’’ श्रमिक वर्गों से सम्बंधित हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः विभाग इस मामले के उस पहलू की भी जांच कर रहा है।
श्री गोविन्द वी. देशमुखः इस तथ्य को दृष्टि में रखते हुए कि ‘‘बेविन लड़के’’ इंग्लैंड में समुचित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भारत में वापस लौटे हैं, उनकी पुनः परीक्षा लेने व जांच करने की आवश्यकता कहां है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अधिकांश नियोक्ता भारत सरकार की इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे कि वे प्रशिक्षित हैं और नियोक्ता इस बात से स्वयं संतुष्ट होना चाहेगा कि जिस व्यक्ति को वह नौकरी में लगा रहा है, वह समुचित रूप से प्रशिक्षित है। हम नियोक्ता को ऐसा करने से रोक नहीं सकते।
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* श्रमिक के वेतन में अवमूल्यन
27. श्री अमरेन्द्र नाथ चट्टोपाध्यायः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या उन्होंने खाद्य-सामग्री तथा कपड़े की वस्तुओं और जीवन-निर्वाह के सामान्य व्यय के मूल्यों में वृद्धि के अनुपात में वेतन में सही अवमूल्यन का पता लगाया है_ यदि हां तो उसका अनुपात क्या है_
(ख) क्या यह सच नहीं है कि रेलवे कर्मचारियों के लिए स्वीकृति मंहगाई भत्ता तथा युद्ध काल का बोनस उनके वेतन में अवमूल्यन या आनुपातिक गिरावट से आई कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है_
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1942 का खण्ड 3, 15 सितम्बर, 1942, पृष्ठ 115-17