विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 249
श्री लालचन्द नवलरायः मेरा सवाल भिन्न था। माननीय सदस्य एक या दूसरी तरह विश्वास कैसे कर पाते है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह विश्वास करने के लिए मेरे पास कोई कारण नहीं है कि रकम नियमित रूप से खर्च नहीं की गई।
सरदार संत सिंहः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या यह स्वयं माननीय सदस्य के समाधानप्रद रूप में है या क्या वह इस बात का ध्यान रखते हैं कि जनता का इस बारे में समाधान करना होगा कि धन किस प्रकार खर्च किया गया है। माननीय सदस्य ने जनता का समाधान किस प्रकार किया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे पता नहीं कि मैं जनता का समाधान किस प्रकार कर सकता हूँ लेकिन सरकार का जिसने धन दिया था समाधान हो गया है।
सरदार संत सिंहः सरकार जो धन देती है वह करदाताओं का धन होता है। सरकार करदाता का समाधान कैसे करेगी कि धन वैध तरीके से खर्च किया गया है?
(कोई उत्तर नहीं)
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः क्या लेखाओं के सही होने के बारे में वित्त सदस्य का समाधान हो गया था?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह सवाल माननीय वित्त सदस्य से ही पूछा जाए।
श्री लालचन्द नवलरायः इस श्रमिक परिसंघ का सचिव कौन है, अध्यक्ष कौन है_ क्या उन्हें इस निधि में से कोई वेतन या धन दिया जाता है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसका सवाल ही नहीं उठता। यदि माननीय सदस्य सूचना देंगे तो मैं उनके लिए जानकारी हासिल करूंगा।
श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः क्या मैं व्यवस्था का मुद्दा उठा सकता हूँ सरजि़या उद्दीन अहमद ने पूछा था कि क्या वित्त सदस्य का समाधान हो गया था और श्रम सदस्य ने जवाब दिया था कि यह सवाल वित्त सदस्य से पूछा जाए। प्रभारी सदस्य को मालूम होना ही चाहिए कि वित्त सदस्य का समाधान हुआ है अथवा नहीं_ और उन्हें अवश्य जवाब देना चाहिए।
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहमान)ः उन्होंने जवाब दे दिया है। मैं माननीय सदस्य से किसी खास तरीके से जवाब देने के लिए कह सकता।