254 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) इस प्रयोजन के लिए किसी भी अन्य मजदूर संघ ने सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं की है। जिस पत्र में मजदूरों का मनोबल बनाए रखने के लिए प्रचार-प्रसार करने के विषय में सरकार से सहायता प्रस्तावित की गई थी वह आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस और भारतीय मजदूर परिसंघ दोनों को भेजा गया था। आल इण्डिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने अपने उत्तर में कोई सहायता नहीं मांगी थी।
(ख) मैं माननीय सदस्य का ध्यान श्री लालचन्द नवलराय द्वारा पूछे गए प्रश्नों के पहले ही दिए जा चुके उत्तरों की ओर आकृष्ट करूंगा।
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* शाहदरा (दिल्ली सहारनपुर लाईट रेलवे और निर्णायक नियुक्त
करने में सरकार का असांविधानिक आचरण
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः अगला प्रस्ताव श्री दाम के नाम पर है। ‘‘वह शाहदरा (दिल्ली) सहारनपुर लाईट रेलवे और उसके कर्मचारियों के बीच व्यवसाय विवाद में निर्णायक की नियुक्ति के विषय में केन्द्र सरकार के असांविधानिक आचरण पर चर्चा करना चाहते हैं और साथ ही इस बात पर भी चर्चा करना चाहते हैं कि केन्द्र सरकार ने शाहदरा (दिल्ली) सहारनपुर लाईट रेलवे के कर्मचारियों को उपलब्ध अनाज पर उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा ली जा रही दरों पर सस्ता अनाज सुलभ कराकर उक्त निर्णायक के अवार्ड पर दिए गए आदेश को ईस्ट इंडिया रेलवे के कर्मचारियों पर लागू क्यों नहीं किया।’’
उनकी सही शिकायत क्या है? क्या वह चाहते हैं कि किसी प्रकार के भत्ते दिए जाएं, जो अन्यत्र दिए गए हैं?
श्री अनंग मोहन दाम (सूरमा वैली एवं शिलोंग गैर-मुसलमान) ः श्रीमन्, नियम कहता है कि विवाद के दोनों पक्षों को न्यायालय में निर्देश के लिए आवेदन करना चाहिए। यह किया गया था। जहां तक रास्ते अनाज का संबंध हैं, जो उन्हें उपलब्ध कराया गया था, जो विशेषाधिकार उत्तर पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों को दिए गए थे, वे ईस्ट इंडियन रेलवे के कर्मचारियों को नहीं दिए गए।
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः आप चाहते हैं कि वही विशेषाधि
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1944 का खण्ड 4, 2 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 218