224 भारतीय मजदूर परिसंघ को सरकारी अंशदान - Page 276

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 261

(क) क्या सरकार ने अपना यह समाधान कर लिया है कि उक्त धन स्कीम के

अनुसार खर्च किया गया है_

(ख) क्या उन्हें उस धन के उपयोग के ढंग के बारे में श्री एम.एन. रॉय से या

उनके श्रमिक संगठन से कोई रिपोर्ट मिली है_

(ग) क्या सरकार ने उनके काम और रिपोर्टों के बारे में कोई निष्कर्ष निकाले

हैं, यदि हां, तो वे क्या हैं और क्या वे सदन के पटल पर रखे जाएंगे_ (घ) क्या लेखा-परीक्षा हुई है और यदि हां तो किसने की हैं_ (घ) क्या लेखा-परीक्षा रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी_ (च) क्या ऐसी सहायता किसी अन्य व्यक्ति या संगठन को दी जा रही है।

यदि हां, तो वे कौन हैं और कितनी राशि इस प्रकार दी जा रही है और

उसके क्या परिणाम हुए हैं_ तथा

(छ) क्या सरकार का इन अनुदानों को जारी रखने का विचार है_ और (ज) क्या ये अनुदान सहायतार्थ अनुदान हैं और यदि हां तो किस आधार

पर?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) माननीय सदस्य श्री लालचन्द नवलराय द्वारा पूछे गए प्रश्न संख्या 31 के भाग (घ) का मेरा उत्तर देखें।

(क) हाँ।

(ग) जैसा कि पहले प्रश्न के उत्तर में कहा गया था, सरकार का समाधान

हो गया है कि उसे खर्च किए गए धन का पर्याप्त मूल्य मिल गया है।

मासिक अनुदान मुद्रित साहित्य के प्रकाशन, मौखिक प्रचार-प्रसार, दृश्य

प्रचार और अच्छी खबरों के प्रसार पर खर्च किया जाता है। (घ) और (घ) अन्य सभी व्ययों की भांति इस व्यय की भी सरकारी लेखा

परीक्षा की जाती है और जो भी टिप्पणियां की जाएंगी वे लेखापरीक्षा

रिपोर्ट में दिखाई देंगी।

(च) और (छ) हाँ, फिलहाल परिसंघ को दिए गए अनुदान को जारी रखने

का आशय है।

(ज) वह सहायतार्थ अनुदान नहीं है, बल्कि सरकार के अनुरोध पर एसोसिएशन

द्वारा किए गए कुछ काम के बदले भुगतान के रूप में है।