विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 265
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसके अलावा भी हमें और बहुत से काम थे। हमने अच्छी शुरूआत की है।
प्रो. एन.जी. रंगाः क्या मैं यह कुछ पूछ सकता हूँ कि क्या विभिन्न उद्योगों में बेरोजगारी के बारे में आंकड़े एकत्र करने शुरू करने के लिए शीघ्र ही कदम उठाए जाएंगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं पहले ही कह चुका हूँ कि हमने आंकड़े एकत्र करने की नीति शुरू कर दी है।
श्री गोविन्द वी. देशमुखः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या आंकड़े एकत्र करने में मुझे पिछली बार दिए गए वचन को कार्यरूप देने के लिए कुछ किया गया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं पहले ही कह चुका हूँ कि शुरूआत कर दी गई है।
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* स्त्रियों का खानों के अन्दर रोजगार
243. श्री मनु सूबेदारः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सही है कि भूमिगत स्त्रियों का नियोजन भारत सरकार द्वारा स्वीकृत जेनेवा कन्वेंशन के प्रतिकूल है_
(ख) क्या सरकार को यह मालूम है कि युद्ध की आवश्यकता के बावजूद यूनाईटिड किंगडम में ऐसा कोई रोजगार नहीं दिया गया है_
(ग) सरकार ने यह छूट कब दी है और क्यों दी है_
(घ) कोयला खानों में स्त्रियों को कब तक रोजगार देते रहने की सरकार को प्रत्याशा है_
(घ) कितनी स्त्रियों को इस प्रकार नियोजित किया गया है_
(च) भूमिगत स्त्रियों द्वारा कितनी मजदूरी कमाई जाती है और अन्य कामों में नियोजित स्त्रियों की कमाई की तुलना में कितनी है_ और
(छ) सरकार ने कोयला खानों में भूमिगत स्त्रियों के स्वास्थ्य और मनोबल के रक्षोपाय के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1944 का खंड 4, 10 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 559-61