विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 271
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस सवाल से यह तो पता नहीं चलता।
प्रो. एन.जी. रंगाः क्या इन 16 स्त्रियों के पास विशेष योग्यता का कौशल है जिससे कि उन्हें खानों में काम करने के लिए विवश किया जाता है_ और वे ऐसी योग्यताएं हैं जिन्हें इस देश में पुरुष अर्जित नहीं कर सकते?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उनसे न तो कहा जाता है और न ही उन्हें बाध्य किया जाता है। उन्हें अपने पारम्परिक काम-धंधे के लिए आगे आने के लिए केवल अनुमति दी जाती है।
श्री एन.एम. जोशीः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या यह बात सही नहीं है कि आज कोयले का उत्पादन युद्ध पूर्व-काल से भी कम है और क्या कोयले के उत्पादन में यह कमी खनिकों को दी जाने वाली कम मजदूरी के कारण है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे माननीय मित्र को हक है कि वे जैसा चाहें निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
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* रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय मजदूर
परिसंघ को प्रांतीय सरकारों का अंशदान
252. सर अब्दुल हलीम गज़नवीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा भारतीय मजदूर परिसंघ के पदाधिकारियों को अथवा किसी व्यक्ति को केन्द्रीय सरकार के 13 हजार रुपए मासिक के अनुदान के अलावा विभिन्न प्रांतीय सरकारों से धन की मदद मिलती हैं_
(ख) क्या उन्हें मालूम है कि इन दो संगठनों को संयुक्त प्रांत सरकार से 75 हजार रुपए प्रति माह की धनराशि मिलती है_
(ग) इन दो संगठनों को ही धन की मदद देने का सरकार का उद्देश्य क्या है_ तथा
(घ) अन्य कौन-से श्रमिक संगठन हैं जो सरकार से धन की मदद प्राप्त कते हैं?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1944 का खंड 4, 10 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 568