231 सक्षम तेल संसाधनों के संबंध में ब्रिटिश और अमेरिकी फर्मों को अन्वेषणात्मक और पूर्वेक्षण लाइसेन्स - Page 287

272 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) सरकार के पास कोई जानकारी नहीं है। 13000/- रुपए का अनुदान रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी को नहीं दिया जाता है बल्कि भारतीय मजदूर परिसंघ को दिया जाता है, न कि परिसंघ के किसी व्यक्ति, सदस्य को या पदाधिकारी को। जिस पत्र में सरकार से सहायता की पेशकश की गई थी वह अखिल भारतीय व्यवसाय संघ कांग्रेस और भारतीय मजदूर परिसंघ दोनों को सम्बोधित किया गया था। अखिल भारतीय व्यवसाय संघ कांग्रेस ने अपने उत्तर में कोई सहायता नहीं मांगी।

(ख) संयुक्त प्रांत सरकार द्वारा परिसंघ को दिए गए किसी अनुदान की कोई जानकारी नहीं है। इस विभाग का संबंध केवल भारतीय मजदूर परिसंघ के अनुदान से है। इस अनुदान का उद्देश्य परिसंघ औद्योगिक श्रमिकों के मनोबल को बनाए रखने के लिए प्रचार-प्रसार करना है।

(घ) केन्द्रीय सरकार से इस धन की मदद पाने वाले अन्य कोई श्रमिक संगठन नहीं हैं।

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* सक्षम तेल संसाधनों के संबंध में ब्रिटिश और अमेरिकी

फर्मों को अन्वेषणात्मक और पूर्वेक्षण लाइसेन्स

48. श्री के.सी. नियोगीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य ब्रिटिश भारत में संभावित सक्षम तेल संसाधनों की बाबत ब्रिटिश और अमेरिकी फर्मों को दी गई खनिज रियायतों (अन्वेषणात्मक और पूर्वेक्षण लाइसेंसों सहित) के संबंध में 2 अगस्त, 1943 को सभा पटल पर रखे गए विवरण में दी गई जानकारी को अद्यतन करने वाला एक विवरण सभापटल पर रखेंगे_

(ख) क्या यह बात सही है कि विभिन्न प्रांतीय सरकारों ने भू-भौतिकी अन्वेषण करने के लिए लाईसेंस दिए हैं_ यदि हाँ तो क्या संबंधित प्रांतीय सरकारों ने ऐसे लाइसेंस देने से पहले भारत सरकार से परामर्श किया था_ और

(ग) किन फर्मों को ये लाईसेंस दिए गए हैं, किस क्षेत्र के बाबत दिए गए हैं और उनकी क्या शर्तें हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जानकारी एकत्र की जा रही है और विवरण ठीक समय पर सदन के पटल पर रख दिया जाएगा।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1944 का खंड 4, 10 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 574