विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 273
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* भारतीय व्यवसाय संघ (संशोधन) विधेयक
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः मेरा विचार उस प्रस्ताव को पेश करने का नहीं है जो मेरा नाम में है।
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@ दिल्ली विद्युत इलैक्ट्रिक सप्लाई एण्ड ट्रैक्शन कम्पनी
419. श्री के.सी. नियोगीः (क) क्या माननीय सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि दिल्ली इलैक्ट्रिक सप्लाई एण्ड ट्रैक्शन कम्पनी लिमिटेड भारत के बाहर निगमित कम्पनी है_ दिल्ली प्रांत में यह कम्पनी कब से काम कर रही है, और वह किस क्षेत्र में काम करती है_
(ख) यह कम्पनी ट्रैक्शन परियोजना के लिए कितने यूनिट बिजली इस्तेमाल करती है_ उसने पिछले 12 माह के दौरान सप्लाई के क्षेत्र में उपभोक्ताओं को कितनी यूनिटें बेचीं_ अपनी कुल सप्लाई में से कितनी यूनिटें उसने अपनी निजी विद्युत केन्द्र से पैदा की_ और कितनी यूनिटें कम्पनी ने दिल्ली सेन्ट्रल इलैक्ट्रिक पावर अथॉरिटी लिमिटेड से खरीदी_
(ग) क्या यह बात सही है कि दिल्ली इलैक्ट्रिक सप्लाई एण्ड ट्रैक्शन कम्पनी लिमिटेड ने अनेक वर्षों से अपने, बिजली उत्पादन केन्द्र से सप्लाई काफी मात्रा में नहीं बढ़ाई है और सभी व्यावहारिक परियोजनाओं के लिए कुछ समय से वह सरकारी विद्युत केन्द्र पर आश्रित है जो फिलहाल दिल्ली सेन्ट्रल इलैक्ट्रिक पावर अथॉरिटी लिमिटेड के नियंत्रण में है_
(घ) क्या यह बात सही है कि दिल्ली सैन्ट्रल इलैक्ट्रिक पावर अथॉरिटी लिमिटेड सरकार द्वारा प्रत्यायोजित कम्पनी है और बिना लाभ के काम करती है_
(घ) दिल्ली इलैक्ट्रिक पावर अथॉरिटी लिमिटेड द्वारा दी जाने वाले बिजली की प्रति यूनिट क्या कीमत होती है और वे विभिन्न दरें क्या हैं, जिन पर दिल्ली इलैक्ट्रिक सप्लाई एण्ड ट्रैक्शन कम्पनी लिमिटेड अपने विभिन्न उपभोक्ता वर्गों को बिजली बेचती है_
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1944, 14 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 730 @ वही - 15 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 780