233 @ दिल्ली विद्युत इलैक्टि्रक सप्लाई एण्ड ट्रैक्शन कम्पनी - Page 291

276 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

श्री के.सी. नियोगीः क्या माननीय सदस्य यह बताने की स्थिति में हैं कि यह बात सही है या नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः फिलहाल इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। यदि माननीय सदस्य जानकारी चाहते हैं, तो उन्हें प्रश्न की सूचना देनी होगी।

श्री के.सी. नियोगीः भाग (ख) के संदर्भ में, क्या मैं इस कम्पनी द्वारा वास्तव में उत्पादित यूनिटों का सरकारी उपक्रमों से लागत कीमत पर, कम्पनी द्वारा खरीदी गई यूनिटों से अनुपात जान सकता हूं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं पहले ही जवाब दे चुका हूं कि युद्ध-काल में जानकारी देना लोकहित में नहीं होता।

श्री के.सी. नियोगीः मैं जानता हूं। क्या माननीय सदस्य इस बात से इन्कार करने की स्थिति में हैं कि इस कम्पनी द्वारा वास्तव में विद्युत यूनिटों से उसके द्वारा उत्पादित यूनिटों का अनुपात है बहुत कम?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे खेद है कि इससे अधिनियम के प्रावधानों को सीमित करना होगा जो मुझे जानकारी देने से मना करते हैं।

श्री के.सी. नियोगीः मुझे मालूम नहीं था कि माननीय सदस्य को उस अनुपात को बताने से भी रोक दिया गया है। बहरहाल मैं इस मुद्दे को छोड़ता हूं। जहां तक इस मुद्दे का संबंध है कि यह मामला अन्तर्ग्रस्त महत्वपूर्ण नीति को ध्यान में रखते हुए मुख्य आयुक्त के विचाराधीन है, क्या सरकार किसी निष्कर्ष विशेष पर आने के बारे में मुख्य आयुक्त को निदेश देने का विचार रखती है अथवा क्या भारत सरकार का विचार केवल इस निमित्त मुख्य आयुक्त के फैसले को कार्यान्वित अथवा उसे अनुमोदित करना है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस मसले पर स्वयं भारत सरकार विचार कर रही है।

श्री के.सी. नियोगीः भाग (च) के संबंध में उस समय की कमी को ध्यान में रखते हुए जिसके दौरान सूचना तामील करनी होती है, क्या सरकार इस विषय में शीघ्र फैसला करेगी? क्या सरकार इस मामले के बारे में शीघ्रतम संभव मौकों पर इस सदन को विश्वास में लाने की कृपा करेगी?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं अपने माननीय मित्र को आवश्वासन दे सकता हूं कि सरकार निश्चय ही समय बीतने से पहले अपने निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी।