विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 277
श्री के.सी. नियोगीः इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि यह विधान-मंडल, जहां तक दिल्ली प्रांत का संबंध है, वस्तुतः प्रांतीय विधान-मंडल की स्थिति में है, क्या माननीय सदस्य का विचार इस सदन को इस मामले पर विचार-विमर्श और चर्चा करने का मौका देने का है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं माननीय सदस्य के सुझाव को ध्यान में रखूंगा।
श्री आर.आर. गुप्तः क्या सरकार का विचार सरकार के नियंत्रणाधीन नई दिल्ली में स्थित विद्युत पावर हाउस की क्षमता बढ़ाने का है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह सवाल पैदा नहीं होता। मैं इसका उत्तर नहीं दे सकता।
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* कोयला खानों में स्त्रियों की हालत का अध्ययन करने के लिए
अखिल भारतीय महिला सम्मेलन को सुविधाएं देने से इंकार
579. श्रीमती रेणुका रेः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या यह सच है कि अखिल भारतीय महिला सम्मेलन ने कोयला खानों में स्त्रियों का निष्पक्ष अध्ययन करने के लिए एक अन्वेषण समिति भेजने के लिए सुविधाएं देने के बारे में अनुरोध किया था और यह कि 3 मई को भारत सरकार ने उक्त संगठन को सूचित किया कि ऐसे अन्वेषण पर कोई आपत्ति नहीं है। किन्तु फिलहाल समय ठीक नहीं है_ और
(ख) क्या यह सच है कि बाद में 26 मई को अखिल भारतीय सम्मेलन के अनुरोध पर भारत सरकार ने अपनी सुविधाएं देने से इंकार कर दिया और उन्हें सूचित किया कि सरकार उन्हें उचित समय की सूचना दे देगी और यह कि अब तक अखिल भारतीय महिला सम्मेलन को सरकार से कोई सूचना नहीं मिली है। वे क्या कारण हैं जिनकी वजह से इस प्रकार की कार्रवाई की गई है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 5, 1944, 20 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 1000-01