विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 281
(ख) यदि इसका उत्तर हां में हैं तो अधिनियम का पृवर्तन निश्चित करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं_ और
(ग) यदि उत्तर ना में है तो क्या माननीय सदस्य मामले की छानबीन करके ऐसी किसी भी गैर-कानूनी परिपाटी को बन्द करने के लिए कारगर कदम उठाएंगे।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) नहीं।
(ख) उत्पन्न नहीं होता।
(ग) खानों में बालकों के रोजगार के निषेध संबंधी भारतीय खान अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए खान विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते रहते हैं। और यदि कहीं ऐसी कोई गैर-कानूनी परिपाटी है तो सामान्य तौर पर कारगर कदम उठाए जाएंगे।
श्रीमती रेणुका रेः क्या माननीय सदस्य को यह मालूम है कि झरिया और रानीगंज कोयला-क्षेत्रों में कुछ खानों में उल्लंघन के मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है और 14 तथा 15 साल के बालकों को वयस्क के रूप में काम पर लगाया जाता है और वे वास्तव में खानों में काम करने जाते हैं। माननीय सदस्य का इस बारे में क्या करने का विचार है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि माननीय सदस्य के पास किन्हीं खास
खानों के संदर्भ में कोई खास मामले हें और वह उन्हें मेरी जानकारी में लाएंगे तो मैं निश्चय ही इस पर विचार करूंगा।
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* गर्भवती महिलाओं द्वारा खानों में भूमिगत काम
582. श्रीमती रेणुका रेः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि गर्भवती स्त्रियां प्रायः खानों में नवें महीने तक और पुनः बालक को जन्म देने के 15 दिन बाद भी भूमिगत काम करती हैं और यह कि खानों में जहां प्रसुति सुविधाएं नहीं दी जाती हैं वे इससे भी लम्बी अवधि तक काम करती हैं_
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 5, 1944, 20 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 1003