284 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
श्रीमती रेणुका रेः क्या माननीय सदस्य को यह मालूम है कि स्त्रियों के भूमिगत काम करने से जो उत्पादन में वृद्धि हुई है वह बहुत मामूली है और क्या वह समझते हैं कि वृद्धि से अन्तरराष्ट्रीय संहिता और नैतिक कन्वेंशन के उस उल्लंघन की भरपाई हो जाती है जो अधिक उत्पादन की दृष्टि से भी खानों में काम करने वाली स्त्रियों के कारण हुआ है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरी जानकारी इसके विपरीत है।
श्री गोवन्दि वी. देशमुखः क्या मैं यह जान सकता हूं कि इस निषेध को पुनः लागू करने के लिए सरकार का उत्पादन लक्ष्य क्या है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं यह बताने में असमर्थ हूं।
श्रीमती रेणुका रे ः क्या माननीय सदस्य को यह मालूम है कि स्त्रियां भूमि के नीचे बेलदार का काम करती हैं और पुरुष कटर का काम करते हैं। और इस प्रकार प्रत्येक टब की प्रगति दर बहुत कम है, क्योंकि स्त्री कटर का काम नहीं कर सकती और इसका परिणाम यह है कि पुरुष को आराम करना होता है, जबकि उत्पादन दर इससे कहीं तेज होगी......।
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम) ः माननीय सदस्य भाषण देंगे।
श्रीमती रेणुका रेः मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या श्रम सदस्य यह नहीं समझते हैं कि प्रति टब काम की प्रगति दर इसलिए बहुत धीमी है क्योंकि स्त्रियां बेलदार के रूप में काम करती हैं और कटर के रूप में काम नहीं कर सकतीं।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह जानकारी पा कर मुझे खुशी हुई। लेकिन मैं इस बयान की विश्वसनीयता पर या सुझाव की व्यावहारिकता पर कोई राय नहीं दे रहा हूं।
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* भारत सरकार के मुद्रणालयों के लिए
श्रम कल्याण अधिकारी का पद
586. मौलवी मोहम्मद अब्दुल गनीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या भारत सरकार के मुद्रणालयों के लिए श्रम कल्याण अधिकारी का पद विज्ञापित किया गया था_ यदि हां तो कब और कैसे
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 5, 1944, 20 नवम्बर, 1944, पृष्ठ 1004