विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 15
(घ) उनको समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए सरकार का कौन-से कदम उठाने का इरादा है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) पहले चरण में असैनिक सफरमैन (पायनियर) बल की बारह यूनिटों की स्वीकृति दी गई है, जो इस प्रकार हैµ
बंगाल - 3, मद्रास - 2, बिहार - 1, मुम्बई - 1, सी.पी. (मध्य प्रांत) तथा बरार - 1, उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत - 1, उड़ीसा - 1, पंजाब - 1, यू.पी. - 1, इनमें से अधिकांश यूनिटें अभी निर्माण की प्रक्रिया में हैं।
सात अतिरिक्त यूनिटों की स्वीकृति हाल ही में दी गई है। वे इस प्रकार हैं- बंगाल - 3, मुंबई - 1, सी.पी. - 1, मद्रास - 2, इनके लिए अब भर्ती आरंभ हो गई है।
(ख) इस समय अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व असैनिक सफरमैन (पायनियर) बल में निम्न प्रकार से हैµ
बंगाल 2 प्रतिशत, मुंबई 10.5 प्रतिशत, सी.पी. तथा बरार 26 प्रतिशत, पंजाब 32 प्रतिशत, यू.पी. 20 प्रतिशत, मद्रास के आंकड़े मालूम नहीं, उत्तरी-पश्चिमी सीमा प्रांत (एन. डब्ल्यू. यूफ.पी.) सभी मुसलमान। जैसे ही आगे और भर्ती होगी, इन आंकड़ों में परिवर्तन हो सकता है।
इस समय जैसी सूचना मिली है, अनुसूचित जाति का केवल एक अधिकार है।
(ग) 1942 के अध्यादेश सं. X के अधीन असैनिक सफरमैन (पायनियर) बल का गठन करने का काम प्रांतीय सरकारों को सौंपा गया था। इसलिए प्रांतीय सरकारें ही अपनी-अपनी यूनिटों के गठन का निर्णय करने के लिए जिम्मेदार हैं।
(घ) भारत सरकार ने सभी प्रांतीय सरकारों को भविष्य में भर्ती में अनुसूचित जातियों के प्रतिशत के संबंध में लिखा है और यह निर्देश दिया है कि अधिकारियों तथा अन्य श्रेणी के कर्मचारियों दोनों का प्रतिशत उस प्रांत में अनुसूचित जातियों के प्रतिशत के अनुरूप होना चाहिए, और जहां पर इस प्रतिशत को पहले पूरा नहीं रखा गया है तो उसे बाद में बनाई जाने वाली यूनिटों में भर्ती में पूरा कर लेना चाहिए।
श्री एन.एम. जोशीः क्या मैं यह पूछ सकता हूँ कि इस असैनिक सफरमैन बल (सिविल पायनियर फोर्स) का काम क्या है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः सिविल पायनियर फोर्स (असैनिक सफरमैन बल) का काम न्यूनाधिक फायर ब्रिगेड के काम जैसा है। जब कोई हवाई हमला होता है तथा सम्पत्ति को नष्ट किया जाता है तो असैनिक सफरमैन बल (पायनियर फोर्स) कार्यवाही करेगा और बचाव कार्य करेगा।