16 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
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* ठेकेदार के कर्मचारियों को वेतन आदि के भुगतान के संबंध में
ठेकेदारों के लिए सरकार की निर्धारित शर्तें
राव बहादुर एन. शिवराजः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि पश्चिमी देशों में ठेकेदारों के लिए ऐसी शर्तें निर्धारित की गई हैं जिनका पालन उन्हें अपने कर्मचारियों के वेतन तथा लाभों के मामले में करना होता है_ यदि हां तो क्या भारत सरकार ने भी भारत में ठेकेदारों के लिए कोई ऐसी शर्तें निर्धारित की है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हाँ। कुछ पश्चिमी देशों में ठेकों में यह अपेक्षित होता है कि ठेकेदारों को ऐसे मामलों जैसे काम के घंटे, वेतन तथा सामान्यतः शर्तें, के सम्बंध में कुछ श्रम संबंधी शर्तों का पालन करना चाहिए। भारत सरकार ने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के ठेकों के मामलों में यह विहित किया है कि ठेकेदार अपने मजूदरों को उससे कम राशि का भुगतान न करें जो उसी समान काम के लिए उसके पड़ोस में मजदूरों को दिया जाता है।
राव बहादुर एन. शिवराजः सरकार द्वारा ठेके में इस शर्त को, यदि कोई है, तो उसे लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं तत्काल नहीं बता सकता, परन्तु मैं पूछताछ करूंगा और माननीय सदस्य को जानकारी दूंगा।
श्री एन.एम. जोशीः क्या मैं पूछ सकता हूँ कि क्या ठेकेदारों द्वारा दी जाने वाली शर्तों के संबंध में यह शर्त, भारत सरकार के अन्य विभागों जैसे आपूर्ति विभाग के ठकेदारों पर लागू होती है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि मेरे माननीय मित्र मुझे नोटिस देंगे तो मैं पूछताछ करूंगा।
श्री एन.एम. जोश्ीः प्रश्न सरकारी ठेके लेने वाले, केवल लोक निर्माण विभाग के ही नहीं, ठेकेदारों के संबंध में था। माननीय सदस्य ने उत्तर केवल लोक निर्माण विभाग के संबंध में ही दिया है। उन्हें भारत सरकार के संबंध में उत्तर देना चाहिए था।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः वह प्रश्न आपूर्ति विभाग को सम्बोधित होना चाहिए।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1942 का खण्ड 3, 22 सितम्बर, 1942, पृष्ठ 386