241 भारत सरकार मुद्रणालय, अलीगढ़ में सेवा का विस्तार - Page 302

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 287

(घ) क्या यह सच है कि सेवा विस्तार की इन सिफारिशों के कारण इन सेवा-निवृत्त होने वाले लोगों के पदों के लिए कुछ अर्हित व्यक्तियों के दावे अवरूद्ध हो गए हैं_ और

(घ) यदि (क) से (घ) का उत्तर हाँ में है तो क्या माननीय सदस्य इस आशय की हिदायतें जारी करना ठीक समझते हैं कि भविष्य में किसी भी स्थिति में आगे विस्तार मंजूर न किया जाए?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) और (ख) नहीं। कुछ ही मामलों की सिफारिश की गई है।

(ग) कुछ मामलों में तो अर्हित आदमी उपलब्ध होते हैं, दूसरों में नहीं।

(घ) नहीं।

(घ) उत्पन्न नहीं होता।

काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मीः क्या मैं यह समझूं कि प्रश्न के भाग (क) का जवाब ना में है और वह किसी भी विस्तार की सिफारिश नहीं कर रहा है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैंने कहा था केवल थोड़े से मामलों की सिफारिश की जाती है।

काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मीः क्या महाप्रबंधक कोई विस्तार मंजूर कर रहे हैं अथवा नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः प्रबंधक विस्तार मंजूर करते रहे हैं।

काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मीः क्या मैं यह जान सकता हूं कि जब अर्हित व्यक्ति मौजूद हैं तो ये विस्तार क्यों मंजूर किए जाते हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं यह मानने को तैयार नहीं हूँ कि अर्हित आदमियों के मौजूद होते हुए विस्तार मंजूर किया जाता है।

काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मीः मैं यह समझा कि माननीय सदस्य ने यह कहा है कि कभी-कभी तब भी विस्तार मंजूर किया जाता है जब अर्हित आदमी मौजूद होते हैं।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हाँ, बहुत कम स्थिति में।

काज़ी मोहम्मद काज़मीः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि उन परिस्थितियों में भी लोगों को किन कारणों से विस्तार दिया जाता है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं समझता हूँ कि जैसा कि मेरे माननीय मित्र ने उल्लेख किया था उन मामलों में ये विस्तार मंजूर करने के सामान्य कारण