257 दामोदर नहर और पोलावरम परियोजनाएं - Page 320

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 305

(च) प्रथम भाग, हाँ। दूसरा भाग, नहीं। क्योंकि त्रावणकोर के भण्डार मद्रास के भण्डारों से बहुत अधिक समृद्ध हैं, तथा इस खनिज की मांग सीमित है।

(छ) हाँ।

(ज) हाँ, अभ्रम का ज्यादातर निर्यात किया जाता है।

(झ) कामि्र्ाकों और कार्यकलापों दोनों दृष्टि से भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के विस्तार की एक स्कीम भारत सरकार के विचाराधीन हैं। आशा है कि भविष्य में इस देश में खनिज भण्डारों का और अधिक गहन अध्ययन संभव हो सकेगा।

(×ा) यह प्रश्न संबंधित सदस्य से पूछा जाए।

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* दामोदर नहर और पोलावरम परियोजनाएं

65. प्रो. एन.जी. रंगाः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या एक नमूने के रूप में टैनेस्सी वैली अथॉरिटी के प्रति उनके उल्लेख की दृष्टि से जिसके अनुसार दामोदार नहर (बंगाल) और कोलावरम (मद्रास) परियोजनाएं विकसित की जानी है, सरकार स्कीम के सामान्य पहलुओं के बारे में और उसकी उपलब्धि के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट प्रकाशित करवाने की कृपा करेगी_

(ख) क्या बाढ़ राहत के लिए बंगाल की विशेष आवश्यकता की दृष्टि से बाढ़ राहत को प्रस्तावित दामोदार परियोजना के प्रमुख उद्देश्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा_ और

(ग) क्या बंगाल और बिहार के अनुसूचित वर्ग (हरिजनों) की जमीन की अतीव आवश्यकता की दृष्टि से, भारत सरकार बंगाल और बिहार के हरिजनों द्वारा सहकारी बस्ती और खेती-बाड़ी के लिए विशाल भू-क्षेत्र प्राप्त करने के लिए पर्याप्त कोष निर्धारित करने के लिए विशेष कदम उठाएगी?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) टैन्नेसी वैली अथॉरिटी एक विदेशी सरकार का संगठन है। उस अथॉरिटी के कामकाज पर रिपोर्ट की प्रतिलिपि प्राप्त करके सदन के पुस्तकालय में रखी जाएगी।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1945 का खण्ड 1, 9 फरवरी, 1945, पृष्ठ 118