306 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(ख) हाँ। नियंत्रण उपायों के अन्य पहलुओं की अपेक्षा बाढ़ नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी।
(ग) भूमिहीन मजदूरों की मदद करने के सबसे बढि़या तरीके की समस्या पर सरकार ध्यान दे रही है।
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* बिहार कोयला क्षेत्रों में चावल के लिए वसूल ऊंची कीमतें
72. श्री के.सी. नियोगीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि 20 नवम्बर, 1944 को मेरे तारांकित प्रश्न संख्या 611 (ख) के उत्तर के बावजूद कि बिहार सरकार ने स्थानीय थोक नियंत्रित दर जमा चार आने प्रशासनिक खर्च वसूल करने और बाकी नुकसान वहन करने का फैसला किया है। झरिया में ज्वाईंट पूल अपने सदस्यों से पुरानी दर ले रहा है_
(ख) क्या यह सच है कि कुछ खान मालिकों ने इस सवाल पर केन्द्र सरकार के पास अपना विरोध दाखिल किया है_ यदि हां, तो उनकी शिकायत दूर करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं_
(ग) क्या यह सच है कि बिहार प्रांत में एक बहुत बड़े खदान के महाप्रबंधक को धनबाद के मजिस्ट्रट ने, अपने खदान में कोयले का उत्पादन बढ़ाने के लिए विहित अनुपात से अधिक खनिकों को चावल देने के लिए, धनवाद के राशनिंग अधिकारी के निवेदन पर, भारत रक्षा नियमों के नियम 81 के अधीन विचारण के लिए सेशन न्यायालय से सुपुर्द कर दिया है_
(घ) क्या यह सच है कि बिहार सरकार की ओर से स्वयं धनबाद का राशनिंग अधिकारी उसी अवधि के दौरान घोषित नियंत्रित दरों से ऊंची दरें वसूल करता था और ज्वाईंट पूल को भी वसूल करने देता था, जैसा कि माननीय सदस्य ने मेरे उपरोक्त सवाल के जवाब में स्वीकार किया है_ और
(घ) क्या सरकार चावल की नियंत्रित दरों से ऊंची दरें वसूल करने धनबाद के उपायुक्त द्वारा जारी किए गए तारीख 9 फरवरी, 1944 के अध्यादेश के अधीन प्रख्याति नियमों के उल्लंघन के लिए धनबाद के उक्त राशनिंग अधिकारी के विरूद्ध आवश्यक कदम उठाने की वांछनीयता पर विचार करेगी?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) 1945, का खण्ड 1, 9 फरवरी, 1945, पृष्ठ 121