268 भारतीय मजदूर परिसंघ को सरकारी अंशदान - Page 329

314 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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* भारतीय मजदूर परिसंघ को सरकारी अंशदान

404. श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या इस तथ्यों की दृष्टि से कि ट्रेड यूनियन कांग्रेस के अध्यक्ष श्री जमनादास मेहता ने सरकार से रकम लिए जाने के तथ्य से इंकार किया है, जैसा कि श्रम सदस्य ने कहा था, उन्होंने इस विषय में छानबीन की है_

(ख) क्या वह रकम ट्रेड यूनियन कांग्रेस के खातों में जमा कर दी गई है_ और

(ग) वह धन किसे दिया जाता है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः प्रकट है कि माननीय सदस्य इस प्रश्न में भारतीय मजदूर परिसंघ का हवाला दे रहे हैं। जिसके अध्यक्ष श्री मेहता हैं न कि आल इण्डिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस का?

(क) मैं चाहूंगा कि माननीय सदस्य 2 नवम्बर, 1944 को श्री लालचन्द नवलराय के प्रश्न संख्या 31 के मेरे उत्तर को देखें।

(ख) मुझे कोई जानकारी नहीं है।

(ग) शुरू में भुगतान नेशनल वार फ्रन्ट के माध्यम से परिसंघ के प्रतिनिधियों को किया जाता था और बाद में नेशनल सर्विस लेबर ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष के माध्यम से किया जाता था। जून, 1944 से रकम परिसंघ के सचिव को दी जाती है।

श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः क्या यह जरूरी नहीं है कि सरकार अपना यह समाधान करे कि जब धन किसी संगठन विशेष के लिए मंजूर किया जाता है तो वह उस संगठन के नाम में ही जमा हो?

माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः किसी संगठन के लेखाओं की जांच-पड़ताल करना मेरा काम नहीं है।

श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः एक पूर्ववर्ती मांग पर माननीय सदस्य के वक्तव्य की दृष्टि से कि लेखाओं की संपरीक्षा करने के लिए एक संपरीक्षक

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1945 का खण्ड 1, 21 फरवरी, 1945, पृष्ठ 583-84