विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 315
भेजा गया था, क्या मैं यह जान सकता हूं कि क्या उस सम्परीक्षक की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है अथवा नहीं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे माननीय मित्र इस मुद्दे पर निश्चित सवाल पूछें।
श्री अब्दुल कय्यूमः क्या माननीय सदस्य संगठन के उन पदाधिकारियों का नाम बताएंगे जिन्होंने वास्तव में धन प्राप्त किया था?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः सबसे पहले धन नेशनल वार फ्रंट के माध्यम से दिया जाता था। फिर परिवर्तन किया गया और धन नेशनल लेबर सर्विस ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष के माध्यम से दिया गया, और जून, 1944 से वह परिसंघ के सचिव को दिया जाता है।
अब्दुल कय्यूमः क्या माननीय सदस्य उस खास सज्जन का नाम बताएंगे जिसने धन प्राप्त किया था।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसके लिए मुझे नोटिस देना होगा।
श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः इस तथ्य की दृष्टि से कि 1942-43 के लोक लेखा समिति ने विशेष रूप से कहा था कि श्री राय को दिए गए इस धन के बारे में कोई वाऊचर और लेखा नहीं रखे जाते, क्या मैं जान सकता हूं कि क्या धन श्री राय को उनके निजी नाम में दिया गया था और क्या उनकी लेखापरीक्षा की गई थी तथा उस रकम के संगठन के खातों में जमा किए जाने के बारे में सम्परीक्षकों का क्या निष्कर्ष था?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं नहीं कह सकता कि नहीं व्यवस्था किए जाने से पहले धन किसे दिया जाना था। नई व्यवस्था किए जाने के बाद धन उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसे सचिव कहते हैं।
श्री बद्री दत्त पाण्डेः इस तथ्य की दृष्टि से कि भारतीय मजदूर परिसंघ की सब्सिडी इस सदन द्वारा अनुमोदित नहीं है, क्या सरकार का आशय उसे बन्द करने का है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं ऐसे विनिश्चिय की प्रत्याशा नहीं करना चाहता।
श्री टी.एस. अवनिशलिंगम चेट्टियारः क्या अगले बजट में इसके लिए प्रावधान किया गया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे माननीय मित्र इंतजार करें तो उन्हें ज्ञात हो जाएगा।