विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 317
श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या सरकार का विचार इन रोजगार कार्यालयों का कार्य-क्षेत्र दूसरे प्रवर्गों के मजदूरों तक बढ़ाने का है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जी हाँ।
श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः वे श्रमिकों के अन्य प्रवर्ग कौन-कौन से हैं जिन तक विस्तार प्रस्तावित हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अभी तक हमने कोई विनिश्चय नहीं किया है।
श्री अब्दुल कय्यूमः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि कुल आवेदकों में से कितने प्रतिशत को काम मिल गया है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः नौकरी के लिए नाम लिखने वालों की कुल संख्या 14697 थी, जिनमें से 5909 लोगों को काम दिलवाया गया।
श्रीमती के. राधाबाई सुब्बारायणः क्या इनमें स्त्रियां भी शामिल हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरे आंकड़ों में स्त्री-पुरुष में भेद नहीं किया जाता।
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* स्त्री खनिकों के बालकों की देख-रेख के लिए इंतजाम
436. श्रीमती के. राधाबाई सुब्बारायणः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) खानों के अन्दर और समस्त खनन क्षेत्रों के भूतल पर काम करने वाली स्त्री खनिकों के शिशुओं और बालकों की देख-रेख के लिए क्या खास इंतजाम हैं, और ये इंतजाम किसके पर्यवेक्षण में किए जाते हैं_
(ख) खानों के अन्दर काम करने वाली माताओं के लिए नियमित अन्तरालों पर अपने शिशुओं को दूध पिलाने के लिए क्या सुविधाएं दी गई हैं_ और
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1945 का खण्ड 1, 21 फरवरी, 1945, पृष्ठ 609