275 कोयला खानों में काम करने के लिए गोरखपुर के मजदूरों को भर्ती करने की योजना - Page 341

326 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(घ) इसी प्रकार का एक प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।

(घ) खान प्रसूति लाभ अधिनियम को प्रशासित करने के लिए मुख्य खान निरीक्षक के अधीन एक ज्येष्ठ श्रम निरीक्षक और दो कनिष्ठ श्रम निरीक्षक काम करते हैं और यह देखने का हर संभव प्रयास किया जाता है कि इस अधिनियम की अपेक्षाएं पूरी की जाएं।

(च) नहीं।

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* कोयला खानों में काम करने के लिए गोरखपुर के

मजदूरों को भर्ती करने की योजना

464. श्री के.सी. नियोगीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य गोरखपुर के मजदूरों को भर्ती करने की योजना और कोयला खानों में उन्हें काम पर लगाने के बारे में विस्तृत विवरण देने की कृपा करेंगे_

(ख) इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल कितने मजदूर भर्ती किए जा चुके हैं। इस पर कुल कितना खर्च किया गया है, और उसमें से कितना उन खदानों से वसूल किया गया है और किए जाने की आशा है जिनमें वे मजदूर लगाये गये हैं या लगाये जायेंगे_

(ग) ये मजदूर की कितनी दर और किन-किन सुविधाओं के लिए हकदार हैं और कोयला खानों में लगे अन्य मजदूरों को लागू औसत शर्तों से उनकी तुलना कैसे की जा सकती है_ उनके काम की मात्रा और सामान्य दक्षता एवं विभिन्न खानों से जहां वे नियोजित हैं, खनन कार्य के प्रति उनके रुझान के बारे में क्या कोई रिपोर्ट प्राप्त हुई है_

(घ) कौन-कौन अधिकारी इस योजना के कार्यान्वयन के प्रत्यक्षतः प्रभारी हैं और उनका काम क्या-क्या है_ इस क्षेत्र में उनका अनुभव कितना है और क्या-क्या अर्हताएं हैं और उन्हें कितनी परिलब्धियां मिलती हैं_

(घ) किस स्रोत से आवश्यक धन शुरू में प्राप्त होता है_ क्या योजना से संबंधित लेखा की महालेखापरीक्षक के नियंत्रणाधीन नियमित रूप से सम्परीक्षा की जाती है_

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1945 का खण्ड 1, 21 फरवरी, 1945, पृष्ठ 629