विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 335
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* केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के अनुसूचित जाति के कर्मचारी
556. श्री प्यारे लाल कुरीलः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में स्थाई, अस्थाई और कार्य प्रभार कर्मचारीवृन्द में अलग-अलग कार्यपालक इंजीनियरों, उप-खण्ड अधिकारियों और अधीनस्थों के पदों पर नियोजित अनुसूचित जाति के सदस्यों की संख्या कितनी है_
(ख) क्या यह सच नहीं है कि अनुसूचित जाति के अधीनस्थ पदों के अस्थाई पदाधिकारियों में से कोई भी वर्ष 1944 के दौरान स्थाई नहीं किया गया_ और
(ग) सरकार केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में स्थाई कर्मचारियों में अनुसूचित जातियों के सदस्यों को समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए क्या-क्या कार्यवाही करेगी?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) और (ख)ः केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में स्थाई और अस्थाई कार्यपालक इंजीनियरों की संख्या क्रमशः 12 और 55 है। अस्थाई कार्यपालक इंजीनियरों में से दो अनुसूचित जाति के हैं। स्थाई कार्यपालक इंजीनियरों में से इस समुदाय का कोई भी अधिकारी नहीं है और कार्य प्रभार की स्थापना में कार्यपालक इंजीनियर का कोई पद नहीं है।
माननीय सदस्य द्वारा अपेक्षित शेष जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। यह एकत्र की जा रही है और प्राप्त होते ही उन्हें दी दी जाएगी।
(ग) पुलिस सेवा में साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व विषयक आदेशों के अनुसार प्रत्येक 12 रिक्तियों में से एक (पदोन्नति द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों से भिन्न) अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए अलग रखी गई है। इन आदेशों से केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में अनुसूचित जाति के सदस्यों द्वारा उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा। साधारणतः ये आदेश इस विभाग के सभी वर्गों के पदों पर लागू होते हैं।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः क्या मुझे यह पूछने की इजाजत है कि अनुसूचित जातियाँ एक अल्पसंख्यक जाति मानी जाती हैं ताकि उनका हिस्सा 33 प्रतिशत में से आए?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1945, 28 फरवरी, 1945, पृष्ठ 812-13