विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 337
(च) क्या यह सच है कि सेवा के हित में दिल्ली से कलकत्ता, बम्बई आदि को स्थानान्तरित केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों को नई दिल्ली स्थित अपने क्वार्टरों पर धारणाधिकार प्राप्त नहीं है और नई दिल्ली वापिस लौटने पर यह समझा जाता है कि वह क्वार्टर के आवंटन के प्रयोजन के लिए निरन्तर सेवारत नहीं रहे हैंः और
(छ) क्या सरकार का विचार ऐसे लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार करने का है जैसा उपरोक्त भाग (ग) और (घ) में वर्णित स्थितियों में उपलब्ध है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ।
(ख) 10 नवम्बर, 1942 को या उससे पहले शिमला स्थानान्तरित व्यक्तियों को नई दिल्ली में अपने क्वार्टरों पर धारणाधिकार प्राप्त है, लेकिन जो उस तारीख के बाद अस्थाई तौर पर शिमला स्थानान्तरित किए गए हैं उन्हें उनके स्थानान्तरण की तारीख से एक साल के लिए धारणाधिकार रखने की इजाजत है।
(ग) हाँ।
(घ) केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य इंजीनियर के कार्यालय के कर्मचारियों में से दो कर्मचारियों को नई दिल्ली में आवंटित क्वार्टर कलकत्ता में उनके रहने की अवधि के लिए रखने दिया गया था। यह अवधि एक साल से कम थी।
(घ) लेकिन ऐसे मामलों में व्यवधान एक साल से कम था।
(च) केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों को अपने क्वार्टर पर धारणाधिकार रखने की तभी छूट दी जाती है, जब संबंधित विभाग यह प्रमाणित कर दे कि संबंधित कर्मचारी एक साल के भीतर दिल्ली लौट आएगा।
(छ) भाग (च) के उत्तर की दृष्टि से उत्पन्न नहीं होता।
284
* कोयला खान पर उत्पादन उपकर
565. प्रो. एन.जी. रंगाः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार ने ब्रिटिश भारत में खानों से भेजे जाने वाले कोयले के एक भाग पर एक रुपए चार आने की दर से उत्पादन उपकर लगाया है_
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1945, 28 फरवरी, 1945, पृष्ठ 818-19