विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 339
(ज) जो मजदूर भेजे गए हैं उनकी कुल संख्या इस प्रकार हैंः
बंगाल/बिहार योजना क्षेत्र ः 37,000
सिंघरेनी खादान ः 5,000
285
* कोयला खान कामगरों के शिविरों में चिकित्सा सहायता
566. प्रो एन.जी. रंगाः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या कोयला खान कामगारों के लिए उनके शिविरों में चिकित्सा सहायता देने की कोई व्यवस्था है_
(ख) यदि हां, तो क्या ऐसे शिविरों में दवाईयों का और शल्य चिकित्सा के उपकरणों का न्यूनतम स्टाक बनाए रखने के लिए कोई अनुसूची बनाई गई है_
वहां कितने चिकित्सा कर्मचारी हैं और उनकी योग्यताएं क्या हैं_
(ग) क्या इन शिविरों में रजित रोगों के इलाज की कोई व्यवस्था है_
(घ) क्या बीमारी होने का कोई रिकार्ड रखा जाता है_
(घ) यदि हां तो मजदूर शिविरों की स्थापना से 31 दिसम्बर, 1944 तक मलेरिया और रजित रोगों के रोगियों की कुल संख्या कितनी है_
(च) क्या कामगारों की समय-समय पर चिकित्सा जांच के लिए कोई व्यवस्था है_
(छ) यदि हां तो वे सबसे अधिक व्याप्त बीमारियां कौन-सी है जिनका इन जांचों से पता चलता है_ और उनका प्रतिशत क्या है_
(ज) क्या कोई मृत्यु है, यदि हां तो कितनी और किन कारणों से_
(झ) क्या शिविर के चिकित्सा विभाग द्वारा कोई पर्यवेक्षक तंत्र है_ क्या स्थानीय सिविल सर्जन इन शिविरों में दौरा करते हैं और गंभीर रोगियों का इलाज करते हैं_ और क्या गंभीर रोगियों को सिविल अस्पताल ले जाता जाता है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ।
(ख) प्रत्येक शिविर में दवाइयों और शल्य-क्रिया उपकरणों का पर्याप्त स्टाक रखा जाता है। प्रत्येक शिविर का, जिसमें एक हजार से अधिक मजदूर होते हैं, एक
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1945, 28 फरवरी, 1945, पृष्ठ 810