10 संघीय (फैडरल) रेलवे के कर्मचारियों की ओर से वेतन संदाय अधिनियम के अधीन आवेदन-पत्र - Page 36

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 21

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं करूंगा।

बाबू बैजनाथ बाजोरियाः क्या सरकार ठेकेदारों की नियुक्ति भी साम्प्रदायिक/ जातीय आधार पर करती है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं केवल एक प्रश्न का उत्तर दे रहा हूँ जिसमें सूचना मांगी गई है।

बाबू बैजनाथ बाजोरियाः मैं अपने प्रश्न का उत्तर चाहता हूँ। क्या सरकार की मंशा ठेकेदारों की नियुक्ति साम्प्रदायिक/जातीय आधार पर करने की है, कि इतने मुसलमान, इतने यूरोपीय, इतने अनुसूचित जाति आदि के हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः वह प्रश्न नहीं है, जो अब उठ रहा है। मैं केवल सूचना दे रहा हूं।

पंडित लक्ष्मीकांत मैत्राः क्या निर्माण सामग्री भी साम्प्रदायिक/जातीय आधार पर खरीदी जाती है?

(कोई उत्तर नहीं)

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* संघीय (फैडरल) रेलवे के कर्मचारियों की ओर से

वेतन संदाय अधिनियम के अधीन आवेदन-पत्र

1. श्री मुहम्मद अज़र अलीः क्या माननीय श्रम सदस्य पटल पर एक विवरण प्रस्तुत करने की कृपा करेंगे जिसमें संघीय रेलवे के कर्मचारियों द्वारा या उनकी ओर से पहली अप्रैल, 1937 तथा 31 अगस्त, 1942 के बीच वेतन-संदाय अधिनियम, 1936 के अधीन नियुक्त प्राधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत आवेदन-पत्रों को दर्शाया गया है और उसके साथ ही उसमें ये बातें भी दर्शाई गई होंःµ

(क) आवेदन पत्र संख्या

(ख) पक्षों के विवरण अर्थात् नाम तथा पता_

(ग) आवेदन पत्र में आरोप_

(घ) राहत दावे की राशि_

(घ) प्राधिकारी का निर्णय और प्राधिकारी की अर्हता/योग्यता_

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) 1942 का खंड 3, 24 सितम्बर, 1942, पृष्ठ 507