12 मुद्रण तथा लेखन-सामग्री कार्यालय में मुसलमान राजपत्रित अधिकारियों की कमी - Page 37

22 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(च) यदि अपील को तरजीह दी गई है तो अपील का परिणाम तथा उसके

साथ-साथ अपीलीय अदालत का विवरण, और

(छ) यदि संशोधन को तरजीह दी गई है तो संशोधन/पुनर्विचार के परिणाम

तथा उसके साथ-साथ संशोधनात्मक/पुनर्विचार न्यायालय का विवरण।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मांगी गई सूचना तत्काल उपलब्ध नहीं है और इस सूचना को एकंत्रित करने में काफी समय तथा श्रम लगेगा जो युद्ध काल में उपयुक्त नहीं होगा।

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* दिल्ली प्रान्त के लिए वेतन-संदाय

नियमों के अंतर्गत समन-शुल्क

2. श्री मुहम्मद अज़र अलीः क्या माननीय श्रम सदस्य, वेतन-संदाय (संघीय रेलवे) नियम, 1938 के नियम 18 तथा संयुक्त प्रांत, वेतन-संदाय, 1936 के नियम 21, और दिल्ली प्रांत वेतन-संदाय नियम, 1937 के नियम 21 की ओर ध्यान देंगे और प्राधिकारी द्वारा तथा न्यायालय द्वारा विरोधी पक्ष को बुलाने के लिए दिल्ली प्रांत के लिए निर्धारित, प्रक्रिया शुल्क की राशि् बताएंगे?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः सरकार को यह परामर्श दिया जाता है कि उल्लिखित नियमों के अधीन विरोधी पक्ष को नोटिस भेजने के लिए कोई प्रक्रिया शुल्क उद्ग्राह्य नहीं है। तथापि, यह नियमों की व्याख्या का मामला है।

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** मुद्रण तथा लेखन-सामग्री कार्यालय में

मुसलमान राजपत्रित अधिकारियों की कमी

23. सर अब्दुल हलीम गज़नवीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि भारत सरकार के मुद्रण तथा लेखन-सामग्री कार्यालय में कितने राजपत्रित अधिकारी हैं_ क्या उनमें कोई मुसलमान है_ यदि नहीं तो क्यों नहीं_

(ख) क्या यह सच है कि हाल ही में केन्द्रीय स्टेशनरी कार्यालय में द्वितीय सहायक

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1942 का खण्ड 3, 24 सितम्बर, 1942, पृष्ठ 507 ** विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 11 फरवरी, 1943, पृष्ठ 71