विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 347
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) सरकार को उसकी कोई जानकारी नहीं है।
(ख) प्रश्न नहीं उठता। लेकिन माननीय सदस्य की जानकारी के लिए मैं यह बता दूं कि सरकार ने दिल्ली शहर में निजी मकान सम्पत्ति के विक्रय को विनियमित करने के लिए कानून पारित नहीं किया है।
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@ ब्रिटेन में श्रम अधिकारियों का प्रशिक्षण
810. श्री टी.एस. अविनाशलिंगम चेट्टियारः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या श्रम अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए यूनाईटेड किंग्डम भेजा जा रहा है_
(ख) प्रशिक्षण का उद्देश्य और पाठ्यक्रम क्या है_ तथा
(ग) कितने लोगों को भेजे जाने का प्रस्ताव है और इस स्कीम पर कितना खर्चा आएगा?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ।
(ख) इसका उद्देश्य श्रम प्रशासन की, जैसे औद्योगिक संबंधों की, समस्याओं से निपटने के लिए अनुभवी और ठीक से प्रशिक्षित कर्मचारियों को प्राप्त करना है। इसके अंतर्गत श्रम विवादों को तय करने, कारखानों का निरीक्षण, और श्रम कल्याण, वेतन विनियमन और निरीक्षण, रोजगार कार्यालय, स्थिरीकरण और पुनर्वास भी इसमें शामिल हैं। ये विषय भारत के लिए एकदम महत्वपूर्ण हैं। पाठ्यक्रम के अंतर्गत मुख्यतः वे सभी विषय आंएगे जो ऊपर दिए गए हैं और ये भागतः श्रम मंत्रालय के मुख्यालय में और भागतः यूनाईटेड किंगडम में अन्य केन्द्रों में चलाए जाएंगे। इसकी अवधि लगभग 6-8 माह होगी।
(ग) सरकार का आशय 20-20 अधिकारियों के तीन समूह भेजना है। प्रत्येक समूह में केन्द्रीय सरकार के 12 अधिकारी और प्रांतीय सरकारों और रियासतों के 8 अधिकारी होंगे। प्रशिक्षार्थियों के प्रथम समूह के साथ केन्द्रीय सरकार के 12 अधिकारियों को भेजने के लिए वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी है और इस मुद्दे पर केन्द्रीय सरकार का खर्च लगभग एक लाख रुपए होगा। प्रांतीय सरकारें और रियासतें अपने-अपने मनोनीत व्यक्तियों से संबंधित खर्च वहन करेंगी।
@ विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1945, 8 मार्च, 1945, पृष्ठ 1167