विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 23
नियंत्रक (असिस्टेंट कलक्टर) के रिक्त पद को बंगाल से एक हिन्दू सब-डिप्टी कलक्टर को नियुक्त करके भरा गया_ ऐसा मुसलमान उम्मीदवारों के न्याय-संगत दावे की उपेक्षा करके और मुसलमानों की नियुक्तियों के लिए अनुपात को बनाए रखने के संबंध में सरकारी परिपत्र का उल्लंघन करके किया गया_
(ग) क्या सरकार मुसलमानों के हित की रक्षा के लिए मुसलमान राजपत्रित अधिकारियों के वर्तमान अनुपात को बढ़ाने के लिए कोई कदम उठाने का इरादा रखती है_
(घ) क्या यह सच है कि सरकार का केन्द्रीय स्टेशनरी कार्यालय में एक पद सहायक नियंत्रक का और दूसरा पद अधीक्षक का बनाने का प्रस्ताव है_ और यदि हां तो क्या वे इन नियुक्तियों को मुसलमानों के लिए आरक्षित करने की कृपा करेंगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) यदि इस बात को मानकर चलें कि माननीय सदस्य समूचे मुद्रण तथा लेखन-सामग्री विभाग का उल्लेख कर रहे हैं, तो राजपत्रित अधिकारियों की संख्या 24 है। उनमें से इस समय दो पदों पर मुसलमान हैं। आखरी भाग का प्रश्न ही नहीं उठता।
(ख) हाँ, द्वितीय भाग का उत्तर नकारात्मक है।
(ग) मुद्रण तथा लेखन-सामग्री विभाग में सभी राजपत्रित पद चयन पद हैं, जिन पर नियुक्तियां वर्तमान नियमों के अनुसार गुणों/योग्यता पर चयन द्वारा की जाती हैं। ऐसे पदों पर मुसलमानों के अनुपात को बढ़ाने का आश्वासन उन नियमों के अनुरूप नहीं होगा।
(घ) केन्द्रीय स्टेशनरी कार्यालय में सहायक नियंत्रक का कोई अतिरिक्त पद बनाने का प्रस्ताव नहीं है। उस कार्यालय के लिए हाल ही में अधीक्षक का एक पद तीन महीने से कम की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया है। ऐसी अवधि के अस्थाई रिक्त स्थानों के भरने के लिए साम्प्रदायिक/जातीय प्रतिनिधित्व सम्बंधी आदेश लागू नहीं होते। तदनुसार, सम्बंधित पद को मुसलमान के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा।
श्री लालचंद नवलरायः क्या माननीय सदस्य से मैं यह जान सकता हूँ कि इन अधिकारियों का चयन लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाता है या उच्च अधिकारियों द्वारा स्वयं किया जाता है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इस प्रश्न का मुझे नोटिस चाहिए।
श्री लालचंद नवलरायः क्या माननीय सदस्य से मैं यह जान सकता हूँ कि क्या नियुक्तियां प्रोन्नति द्वारा की जाती हैं और प्रोन्नति के मामले में, क्या नियुक्तियां जातियां/साम्प्रदायिक आधार पर की जाती हैं या अन्य आधार पर की जाती है?