विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 367
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* खानों में स्त्रियों के भूमिगत काम करने पर निषेध की बहाली
1055. श्रीमती के. राधा बाई सुब्बारायणः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या सरकार ने खानों में भूमिगत काम करने वाली महिलाओं के बारे में हाऊस ऑफ कामन्स में प्रश्नोत्तर की हाल की रिपोर्ट देखी है जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि उन्होंने मांगी थी, और वह क्या जानकारी है_
(ख) क्या सरकार खानों में स्त्रियों के भूमिगत नियोजन पर निषेध की बहाली के सवाल पर विचार करना समाप्त करेगी_
(ग) सरकार ने स्त्रियों के ऐसे कष्टों के निवारण के लिए क्या कदम उठाए हैं_ क्या वे कम हैं लेकिन भारत में अन्य उद्योगों में वेतन की तुलना में ठीक है और तथ्यों पर आधारित हैं_ और
(घ) यदि (ग) का उत्तर सकारात्मक है, तो भारत में अन्य उद्योगों में स्त्री कामगारों के वेतन की दरें क्या हैं?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) सरकार ने संबंधित रिपोर्ट देखी है। सरकार इण्डिया ऑफिस को उनकी रिपोर्ट की प्रगति और अन्तर्वस्तु लोक हित में प्रकट करना आवश्यक नहीं समझती।
(ख) खानों में स्त्रियों के भूमिगत काम करने पर निषेध की बहाली का सवाल बराबर विचारधीन है।
(ग) और (घ) सेक्रेट्री ऑफ स्टेट ने जो कुछ कहा था, वह यह था कि वेतन की दरें भारत के उस भाग में अन्य उद्योगों के मजदूरों के वेतन की तुलना में ठीक हैं। एकमात्र तुलनीय मजदूर वह है जो पड़ोसी निर्माण कर्मशाला में नियोजित है और सरकार का विश्वास है कि यह बयान सच है।
(घ) झरिया और रानीगंज कोयला क्षेत्रों में स्वास्थ्य खान बोर्ड द्वारा प्रसव से पहले और प्रसव के बाद के लिए इंतजाम किए गए है। कुछ बड़ी खानें स्वास्थ्य संबंधी इंतजाम सुलभ कराती हैं।
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 2, 1945, 16 मार्च, 1945, पृष्ठ 1605