विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 33
असमः औद्योगिक श्रमिकों के नियोक्ताओं ने अनाज की दुकानें आदि खोलकर खाद्य-सामग्री की आपूर्ति के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या श्रम विभाग का निर्धन लोगों के लिए मूल्य निश्चित करने में कोई हाथ है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः नहीं।
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* श्रमिकों को आवश्यक सामग्री
उपलब्ध कराने के लिए उपाय
89. डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने का कृपा करेंगे कि श्रमिकों को अपने जीवन-यापन के लिए आवश्यक वस्तुएं विशेष रूप से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में, उनके हित की रक्षा के लिए उनके विभाग ने क्या कार्रवाई की है_ और
(ख) इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कि निर्धन लोगों को खाने के लिए पर्याप्त सामग्री मिले और उनका मूल्य उनके वेतन के अनुरूप हो, माननीय सदस्य का कौन-से कदम उठाने का इरादा है, यदि कोई नहीं, तो क्यों?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) तथा (ख)। इस प्रश्न की ओर कुछ समय से सरकार का ध्यान है और उस पर इस समय खाद्य विभाग में विचार किया जा रहा है। प्रांतीय सरकारों को ये निर्देश दे दिए गए हैं कि वे आवश्यक रोज़गार में औद्योगिक श्रमिकों सहित आवश्यक गैर-सैनिक कर्मिकों को आपूर्ति करने में प्राथमिकता प्रदान करें।
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** श्रमिकों की आर्थिक दशा सुधारने के उपाय
90. डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि श्रमिकों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं_
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 16 फरवरी, 1943 पृष्ठ 269 ** वही, पृष्ठ 270-71