22 संयुक्त राज्य अमरीका की मैटल रिज़र्व कम्पनी तथा संयुक्त अभ्रक मिशन को अभ्रक के निर्यात का एकाधिकार - Page 53

38 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ख) यदि भाग (क) का उत्तर हाँ में है, तो किन कारणों से और किन शर्तों पर उपर्युक्त विदेशी हित के लिए अभ्रक के निर्यात के एकाधिकार की स्वीकृति दी गई हैं_

(ग) क्या माननीय सदस्य को यह जानकारी है कि निर्यात के ऐसे प्रतिबंधों का परिणाम यह हुआ कि ये संस्थाएं भारत में अभ्रक को काफी कम दरों पर प्राप्त करते हैं और उसे अमरीका तथा अन्य सहयोगी देशों में काफी ऊंची दरों पर बेचकर अत्यधिक लाभ कमा रहे हैं_ और

(घ) क्या ये संस्थाएं सरकारी हैं या प्राइवेट कम्पनी हैं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) नहीं।

(ख) प्रश्न नहीं उठता।

(ग) जिन मूल्यों पर संयुक्त अभ्रक मिशन, अभ्रक प्राप्त करता है, उन मूल्यों को भारत सरकार के पूर्व अनुमोदन से निर्धारित किया गया है। भारत सरकार के मत से ये मूल्य ठीक तथा उचित हैं। मिशन द्वारा प्रस्तुत मूल्य प्रायः हर बार, मिशन के काम आरंभ करने से पहले के मानक मूल्यों के नियम/आदेश के बराबर या उससे अधिक होते हैं। इसके अलावा, मिशन व्यापार के योग्य किस्म के सभी अभ्रक को जो उसे दिया जाता है खरीदने के लिए तैयार रहता है। इसके अंतर्गत, व्यावहारिक रूप में, उपयोगी अभ्रक की समूची श्रेणी आ जाती है और इसमें वह अभ्रक भी शामिल है जिसे बिक्री के लिए पहले कोई बाजार बिल्कुल नहीं मिलता था। मैटल रिज़र्व कम्पनी भारत में अब अभ्रक नहीं खरीद रही है। इसने भारत सरकार के साथ समझौते/संविदा के अंतर्गत 1940-42 में कुछ मात्रा में अभ्रक खरीदा था और भारत में 1941 में अभ्रक के उत्पादन में भारी वृद्धि, मुख्यतः इन खरीदों का ही परिणाम था। उसने जो मूल्य अदा किए वे अच्छे तथा उचित थे। न तो संयुक्त अभ्रक मिशन ही और न मैटल रिज़र्व कम्पनी लाभ कमाने वाली संस्था है।

(घ) संयुक्त अभ्रक मिशन एक सरकारी संस्था है। इसमें तीन ब्रिटिश तथा तीन अमरीकी सदस्य हैं जिनकी नियुक्ति ग्रेट ब्रिटेन की सरकार द्वारा की जाती है। ब्रिटिश सदस्यों में से एक सदस्य इसका अध्यक्ष है। मिशन अभ्रक की खरीद, इंग्लैंड के मामले में आपूर्ति मंत्रालय के लिए और संयुक्त राज्य अमरीका के मामले में संयुक्त राज्य अमरीका की मैटल रिज़र्व कम्पनी के लिए करता है। मैटल रिज़र्व कम्पनी एक निगम है जिसका निर्माण पुनर्निमाण वित्त निगम अधिनियम (रिकन्सट्रक्शन फाइनेंस कारपोरेशन एक्ट) की धारा 5 (डी) के अधीन संयुक्त राज्य अमरीका के रिकन्स्ट्रक्शन फाइनेंस कारपोरेशन द्वारा किया गया है और यह संयुक्त राज्य अमरीका की सरकार की वैध रूप में संगठित एक एजेंसी है।