24 संयुक्त राज्य अमरीका की मैटल रिज़र्व कम्पनी तथा संयुक्त अभ्रक मिशन को अभ्रक के निर्यात का एकाधिकार - Page 55

40 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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* संयुक्त राज्य अमरीका की मैटल रिज़र्व कम्पनी तथा
संयुक्त अभ्रक मिशन को अभ्रक के
निर्यात का एकाधिकार

105. बाबू बैजनाथ बाजोरियाः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि जब संयुक्त अभ्रक मिशन ने इस देश से अभ्रक के निर्यात का नियंत्रण संभाला, तब उन्होंने भारत सरकार को एक वचन दिया था कि वे भारतीय अभ्रक के समूचे उत्पादन को खरीदेंगे_

(ख) यदि भाग (क) का उत्तर हाँ में है तो सरकार इस वचन के कार्यान्वयन के लिए क्या कदम उठा रही है_

(ग) क्या माननीय सदस्य को यह जानकारी है कि संयुक्त अभ्रक मिशन, अभ्रक की केवल अनुसूचित किस्मों को ही खरीद रहा है और अन्य किस्मों जैसे निम्न ग्रेड तीक्ष्ण तथा ब्लॉक (खंड) अभ्रक को खरीदने से इंकार कर देता है और कई बार तो कुछ अनुसूचित किस्मों को भी खरीदने से मना कर देता है जिसके परिणामस्वरूप इन किस्मों की भारी मात्रा भारतीय व्यापारियों के हाथों में बिना बिक्री रह गई हैं_

(घ) इस उद्योग की उन किस्मों के भंडार को बेचने के लिए जिन्हें संयुक्त अभ्रक मिशन द्वारा नहीं खरीदा गया है, सरकार क्या कदम उठा रही है_

(घ) क्या सरकार निजी (प्राइवेट) फर्मों द्वारा संयुक्त राज्य अमरीका तथा अन्य सम्बद्ध देशों को अभ्रक के निर्यात की अनुमति देने के लिए तैयार है_ यदि नहीं, तो क्यों नहीं_

(च) क्या सरकार को यह जानकारी है कि जबसे अभ्रक की खरीद तथा निर्यात को संयुक्त अभ्रक मिशन नियंत्रित कर रहा है तब से खुले खंड वाले अभ्रक के उत्पादन में अत्यधिक कमी हो गई है और कई हज़ार कर्मचारी, अनेक फैक्ट्रियों तथा गृह विखंडन (स्पिलिटिंग) केन्द्रों के बंद हो जाने के कारण बेकार हो गए है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) संयुक्त अभ्रक मिशन ने इस देश से अभ्रक के निर्यात का नियंत्रण नहीं सभाला है। तथापि, इसने उस सभी अभ्रक को खरीदने का वचन/आश्वासन दिया है जो उसे दिया जाएगा जो व्यापार किस्म का

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 16 फरवरी, 1943, पृष्ठ 282-83