42 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
है बशर्तें कि यह सरकार द्वारा जारी किसी आदेश के प्रतिकूल न हो। सरकार को इस बात की जानकारी नहीं है कि कोई फैक्ट्री बंद हुई है यद्यपि यह संभव है कि अनेक घरेलू विभाजक केन्द्र (होम स्पिलिटिंग सेन्टर) बंद हुए हों।
बाबू बैजनाथ बाजोरियाः जहां तक भाग (क) का संबंध है, मैं प्रश्न को पुनः दोहराता हूँ कि अमरीका में अभ्रक की अन्य किस्मों की मांग है और उसे निर्यात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे उसकी जानकारी नहीं है।
बाबू बैजनाथ बाजोरियाः क्या आप पूछताछ करेंगे, यदि सं.रा. अमरीका में उन किस्मों की मांग है जिनको यह मिशन नहीं खरीदता तो उन किस्मों को अमरीका को निर्यात करने की अनुमति प्राइवेट फर्मों को दी जानी चाहिए?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं पूछताछ करूंगा।
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* संयुक्त अभ्रक मिशन द्वारा अभ्रक के
ग्रेडों के मूल्यों का निर्धारण
106. बाबू बैजनाथ बाजोरियाः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य को यह जानकारी है कि संयुक्त अभ्रक मिशन, अभ्रक के मूल्य का निर्धारण, इस उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किए बिना करता हैः
(ख) क्या माननीय सदस्य को जानकारी है कि संयुक्त अभ्रक मिशन ने मानक को मैटल रिज़र्व कम्पनी के मानकों की तुलना में, जिसने निदेशक, भारतीय भूविज्ञान सर्वेक्षण के माध्यम से खरीददारी की, बहुत बढ़ा दिया है_
(ग) क्या सरकार को यह जानकारी है कि संयुक्त अभ्रक मिशन ने खरीदने वाले मूल्य को बाज़ार में चल रहे मूल्यों से 10 से 30 प्रतिशत तक कमी कर दी है और फैक्ट्रियों को किसी अन्य प्रकार से निकासी के अभाव के कारण अपने उत्पादों को उनकी दर पर बेचने के लिए बाध्य किया जाता है_
(घ) क्या यह सच है कि भारत सरकार ने मूल्यों में कमी को स्वीकार किया हैं जैसा कि ऊपर भाग (ग) में कहा गया है_ और
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 16 फरवरी, 1943, पृष्ठ 283