27 गया नवदिह में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए संविदा के लिए उंची दरें - Page 61

46 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ख) क्या यह सच है कि ऐसी आपत्ति/विरोध के कारण इन दरों की जांच करने के लिए एक समिति की नियुक्ति की गई और इस समिति ने मुख्य अभियन्ता द्वारा स्वीकृत दरों को लगभग एक तिहाई तक कम कर दिया_

(ग) क्या यह सच है कि ठेकेदार भी दरों को तदनुसार कम करने के लिए सहमत हो गए जिससे यह सिद्ध हुआ कि मूल रूप में दी गई दरें असाधारण रूप से अधिक थीं_ और

(घ) यदि ऊपर (ग) का उत्तर हाँ में हो तो सरकार का उस मुख्य इंजीनियर के विरूद्ध क्या कार्रवाई करने का इरादा है जो मूल दरों की स्वीकृति देने के लिए उत्तरदायी था?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) प्रश्नाधीन हवाई अड्डों के निर्माण के लिए दरें मुख्य अभियंता (इंजीनियर) द्वारा स्वीकार की गई थीं। उनके सामने इन दरों को अधीक्षण अभियंता के माध्यम से कर्यपालक अभियंता द्वारा प्रस्तुत किया गया था। दरें अधिक थीं_ परन्तु जब काम आरंभ किया गया था तो उस समय कम दरों पर अपेक्षित परिमाप के काम के लिए विश्वसनीय ठेकेदार प्राप्त नहीं थे। मंडलीय/ प्रभागीय आयुक्त के माध्यम से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमें यह शिकायत थी कि ये दरें अत्यधिक ऊंची थीं।

(ख) तथा (ग) स्थानीय अधिकारियों से आपत्ति प्राप्त करने के लगभग एक महीना पहले मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को इस संबंध में जांच पड़ताल करने का निर्देश दे दिया था और उसके बाद अपने वैधानिक सहायक तथा वित्त-सलाहकार को आगे और जांच पड़ताल व पूछताछ के लिए लगा दिया था। उस समय तक स्थिति और सरल हो गई थी और पहले स्वीकृत दरों में कमी करना संभव था। उसके परिणामस्वरूप कुछ दरों में अत्यधिक वृद्धि की गई। परन्तु कोई भी दर पहले स्वीकृत दर से एक तिहाई तक कम नहीं की गई। कुछ कार्यों के संबंध में, ठेकेदारों द्वारा स्वीकृत दर में कोई कमी नही की गई। मुख्य रनवे के संबंध में कमी 15 प्रतिशत, साधारण भवनों के सम्बंध में 50 प्रतिशत और विशेष भवनों के मामले में 30 प्रतिशत तथा 60 प्रतिशत की गई। तथापि, ठेकेदार ने घरेलू भवनों के मामले में प्रस्तावित घटी दरों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। अतः उस ठेके को उससे ले लिया गया और उसे घटी दरों पर एक दूसरे ठेकेदार को दे दिया गया।

(घ) मुख्य अभियंता के विरूद्ध कोई कार्यवाही करने का कोई मामला नहीं है।