29 @ भारतीय रेलवे-अधिनियम के अध्याय -क के लागू करने के संबंध में अनियमितताएं - Page 63

48 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ख) क्या यह सच है कि समझौता अधिकारी (रेलवे) तथा रेलवे श्रमिक पर्यवेक्षक, जो अधिनियम के अधीन निरीक्षक है, की वार्षिक रिपोर्टों में यह देखा गया है कि भारतीय रेलवे अधिनियम के अध्याय VI -क के उपयोग के संबंध में रेलवे में वे ही अनियमितताएं निरंतर देखी गई हैं_

(ग) यदि ऊपर (ख) का उत्तर हाँ में हो तो क्या समझौता अधिकारी (रेलवे) तथा रेलवे श्रम प्रर्यवेक्षक ने किसी समय इन अनियमितताओं को रोकने के लिए भारतीय रेलवे (संशोधन), अधिनियम, 1930 के दंड प्रावधानों की सहायता का अह्नान किया है और यदि हां तो क्या माननीय सदस्य उदाहरण देते हुए सदन के पटल पर एक विवरण प्रस्तुत करेंगे_

(घ) यदि उपर्युक्त भाग (ग) के प्रथम भाग का उत्तर ‘न’ में हो तो क्या माननीय सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि कानून की दंड वाली धारा को लागू न करने के क्या कारण है_ और

(घ) क्या अब ऐसा करने का इरादा है_ और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) भारतीय रेलवे (संशोधन) अधिनियम, 1930 की धारा (1) 26 मार्च, 1930 को लागू हुई। धारा (2) विभिन्न रेलवेज पर नीचे लिखी तारीखों पर लागू हुईःµ

µ उत्त्र पश्चिमी तथा पूर्वी भारतीय रेलवे (ईस्ट इंडियन रेलवे) µ 1 अप्रैल, 1931

µ ग्रेट इंडियन पेनिनसुला तथा ईस्टर्न बंगाल (अब बंगाल तथा असम) रेलवे µ 1 अप्रैल, 1932

µ बम्बई, बड़ौदा तथा मध्य-भारत तथा मद्रास तथा दक्षिणी महाराष्ट्र रेलवे-1 नवम्बर, 1935

µ बंगाल तथा उत्तर-पश्चिमी (अब अवध तथा तिरहुत) रेलवे-1 अक्तूबर, 1937

µ दक्षिण भारत तथा रोहिकुंड तथा कुमाऊँ (अब अवध तथा तिरहुत का भाग) रेलवे-1 अप्रैल, 1940

µ बंगाल, नागपुर तथा असम बंगाल (अब बंगाल तथा असम का भाग) रेलवे-1 जनवरी, 1941

(ख) हाँ।

(ग) नहीं।