50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हाँ, मैं उस पर विचार करूंगा।
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः इनके प्रश्नों को प्रस्तुत करने की अनुमति मैंने श्री एन.एम. जोशी को दी है, यद्यपि, माननीय सदस्य श्री लालचंद नवलराम ने जिन्होंने इन प्रश्नों का नोटिस दिया था, श्री जोशी को प्राधिकृत नहीं किया था। आमतौर से यह प्रथा है कि जब तक वह माननीय सदस्य जिसके नाम से प्रश्न है सदस्य को प्राधिकृत नहीं करता तब तक कोई अन्य सदस्य प्रश्न नहीं रख सकता। परन्तु इस मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए मैंने श्री जोशी को इन प्रश्नों को रखने की अनुमति दी।
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* शत्रु के हवाई हमले के शिकार लोगों के
आश्रितों को सहायता
183. श्री एच.ए. साथर एच. इसाक सेटः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किःµ
(क) भारत में शत्रु द्वारा की गई बमबारी के परिणामस्वरूप मारे गए या घायल हुए लोगों के उत्तराधिकारियों तथा आश्रितों को सहायता देने के लिए क्या व्यवस्था की गई है_
(ख) क्या उनकी सहायता के लिए ऐसी व्यवस्था आक्रमण के बाद तत्काल लागू हो जाएगी या आश्रितों को सहायता प्राप्त करने से पहले आवेदन करने तथा पूछताछ व जांच-पड़ताल आदि की औपचारिकताओं में से गुजरना पड़ेगा_ और
(ग) नागरिकों को विशेष रूप से कलकत्ता के तथा भारत में अन्य स्थानों के जहां पर बमबारी की गई निर्धन वर्ग के लोगों को निम्नलिखित के लिए दी गई सहायता का विस्तृत ब्यौरा क्या है_
(i) उनके मृत व्यक्तियों का निपटारा,
(ii) घायलों की चिकित्सा,
(iii) उनके जीविकापार्जन के साधनों की क्षति, और
(iv) उनका साधारण पुनर्वास?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 24 फरवरी, 1943, पृष्ठ 556