विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 55
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* नई दिल्ली में गृह किराया नियंत्रण के मामले
** 230. खान बहादुर शेख फ़जले हक पिराचाः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगेः
(क) क्या किराएदारी के समय को बढ़ाने के मामले नई दिल्ली में 1942 के दौरान तत्कालीन किराया नियंत्रक स्व. श्री जोन्स द्वारा वास्तव में सुने गए थे, परन्तु निर्णय उनके उत्तराधिकारी ने संबंधित पक्षों को सुने बिना दिए, यदि हां तो ऐसे मामलों की संख्या कितनी है_ और
(ख) क्या ऐसे मामलों की पुनः जांच करने के लिए उनका एक अधिकारी की नियुक्ति करने का इरादा है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) नहीं, प्रश्न के पिछले भाग के उत्तर की आवश्यकता नहीं।
(ख) प्रश्न नहीं उठता।
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# पंजाब किराया प्रतिबंध अधिनियम को समस्त दिल्ली
प्रांत में लागू करने की वांछनीयता
# 231. खान बहादुर शेख फ़जले हक पिराचाः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किःµ
(क) क्या पंजाब किराया प्रतिबंध अधिनियम को दिल्ली प्रांत के कुछ भागों में लागू किया गया है_
(ख) क्या यह सच है कि किराया नियंत्रण आदेश के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में उस अधिनियम को लागू नहीं किया गया है_ और
(ग) क्या माननीय सदस्य का इरादा किराया नियंत्रण आदेश को वापस लेने का है और सरकार को यह सलाह देना चाहते हैं कि कथित अधिनियम को उन क्षेत्रों में भी लागू किया जाए_ यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 2 मार्च, 1943, पृष्ठ 661 ** प्रश्नकर्त्ता के अनुपस्थित होने के कारण इस प्रश्न का उत्तर सभा पटल पर रखा गया। # विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खंड 1, 2 मार्च, 1943, पृष्ठ 661 ## प्रश्नकर्त्ता के अनुपस्थित होने के कारण इस प्रश्न का उत्तर सभा पटल पर रखा गया।