विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 57
(ख) हाँ।
(ग) मकान मालिकों को, उन पर सरकार द्वारा थोपे गए प्रतिबंधों से आर्थिक क्षति न हो रही है परन्तु उन्हें अपनी सम्पत्ति से न्यायसंगत लाभ से अधिक लाभ कमाने से रोका गया है।
(घ) नहीं_ किराया नियंणत्र आदेश, एक संकटकालीन उपाय है जिसे मकानों के किरायों के संबंध में शीघ्र निर्णय करने के लिए बनाया गया है। यदि इसके बजाए, पंजाब अरबन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट (पंजाब शहरी किराया प्रतिबंध अधिनियम) को लागू किया गया तो किराएदारों को सिविल अदालतों के दरवाज़े खटखटाने पड़ेंगे जोकि केवल खर्चीला ही नहीं होगा, परन्तु उसमें निर्णय होने में भी बहुत लम्बा समय लगेगा।
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* केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के क्वार्टरों का स्थानीय
स्कूलों आदि के कर्मचारियों को आवंटन # 234. श्री मुहम्मद अज़हर अलीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि लोक निर्माण विभाग के उन क्वार्टरों को जो विशेषरूप में केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए बनाए गए थे, कुछ विभागों के केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों की अपेक्षा अधिक तरहीज देकर स्थानीय स्कूलों के कर्मचारियों तथा अदालतों को आबंटित किया जाता है_
(ख) क्या उन्हें यह जानकारी है कि तथाकथित ‘‘हकदार कार्यालयों’’ के बिल्कुल अस्थायी कर्मचारियों को अन्य कार्यालयों के उन स्थायी कर्मचारियों के ऊपर तरजीह दी जाती है जो उनकी अपेक्षा अधिक वेतन ले रहे हैं, इससे सरकार को राजस्व की हानि होते हुए भी ऐसा किया जा रहा है_
(ग) क्या यह सच है कि उसी विभाग के सह-कार्यालयों के साथ भिन्न प्रकार का व्यवहार किया जाता है_
(घ) क्या यह सच है कि रेलवे क्लियरिंग (समासोधन) लेखा कार्यालय को अनाधिकृत कार्यालय माना गया, परन्तु उस निर्णय को अब बदल दिया गया है_ और
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 2 मार्च, 1943, पृष्ठ 663 # प्रश्नकर्त्ता का कोटा समाप्त हो जाने के कारण इस प्रश्न का उत्तर सदन के पटल पर रखा गया।