39 दिल्ली में सरकार द्वारा प्राइवेट घरों को पट्टे पर लेना - Page 73

58 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(घ) क्या माननीय सदस्य का इस स्थिति पर पुनर्विचार करने का इरादा है और केन्द्रीय सरकार के समस्त कार्यालयों को एक समान मानने के लिए कदम उठाने का प्रस्ताव है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) ये क्वार्टर केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों तथा नई दिल्ली और दिल्ली में तैनात स्थानीय प्रशासन के कर्मचारियों के लिए हैं और इन्हें स्कूलों तथा आदालतों में काम करने वाले कर्मचारियों को आबंटित किया जा सकता है।

(ख) मैं यह स्वीकार करने को तैयार हूँ कि नियमों के लागू होने के कारण माननीय सदस्य द्वारा सुझाए गए परिणाम हो सकते हैं।

(ग) इन आवासों के अधिकृत व हक़दार कार्यालयों के संबंध में नियमों की अपेक्षाकृत और अधिक उदार व्याख्या हाल में उत्पन्न हुई है और यह संभव है कि इसके परिणामस्वरूप कुछ विसंगतियां हो सकती है।

(घ) हाँ।

(घ) यदि मेरे समाने किसी विशेष कार्यालय का मामला लाया जाएगा तो मैं उसकी जांच करने के लिए तैयार हूं, परन्तु एक सामान्य पुनर्विचार या समीक्षा का इरादा नहीं है।

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* दिल्ली में सरकार द्वारा प्राइवेट घरों को पट्टे पर लेना

252. सरदार संत सिंहः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि सरकार ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों जैसे नई दिल्ली नोटिफाइड एरिया, करोल बाग, दरियागंज आदि में अलग-अलग कितने प्राइवेट (निजी) मकानों को पट्टे पर लिया है_

(ख) प्रत्येक क्षेत्र में पहला तथा आखिरी मकान पट्टे पर कब लिया गया_

(ग) क्या यह सच है कि सर्दी का मौसम प्रारंभ होने से पहले सब मकानों को पट्टे पर लिया गया था_ यदि नहीं, तो सर्दी का मौसम प्रारंभ होने के बाद कितने मकानों को पट्टे पर लिया गया था_

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 1, 8 मार्च, 1943, पृष्ठ 811-12